Real Estate: निवेशक अब न्यूनतम 10 लाख रुपये का निवेश करके प्रतिफल वाली रियल एस्टेट परिसंपत्तियों का आंशिक स्वामित्व हासिल कर सकते हैं। इस संबंध में बाजार नियामक सेबी ने रियल एस्टेट निवेश ट्रस्टों (रीट्स) के नियमों को संशोधित कर दिया है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अधिक मूल्य वाली रियल्टी परिसंपत्तियों की बढ़ती मांग के बीच लघु एवं मध्यम रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट (एसएम रीट्स) के लिए प्रारूप को अधिसूचित कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से देश में उभरते हुए आंशिक स्वामित्व क्षेत्र पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा।
सेबी ने रियल एस्टेट निवेश नियमों में किया संशोधित
आंशिक स्वामित्व की मिली अनुमति
सेबी की आठ मार्च को जारी अधिसूचना से रीट्स के आंशिक स्वामित्व की अनुमति मिल गई और इसमें वाणिज्यिक और आवासीय संपत्तियां शामिल होंगी। सेबी के निदेशक मंडल ने पिछले साल नवंबर में एसएम रीट्स के लिए एक नियामकीय ढांचा बनाने को लेकर रीट्स विनियम, 2014 में संशोधन को मंजूरी दी थी।
न्यूनतम कीमत 10 लाख रुपए
इस अधिसूचना के मुताबिक एसएम रीट्स की योजना की प्रत्येक इकाई की न्यूनतम कीमत 10 लाख रुपए या ऐसी अन्य राशि होगी जो सेबी द्वारा समय-समय पर निर्दिष्ट की जा सकती है। इसमें कहा गया है कि एसएम रीट्स की एक योजना में प्रस्तावित संपत्ति का आकार कम से कम 50 करोड़ रुपये और 500 करोड़ रुपए से कम होगा।
खुदरा निवेशक होंगे आकर्षित
आंशिक स्वामित्व मंच एचबिट्स के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) शिव पारेख ने कहा कि न्यूनतम निवेश सीमा को घटाकर 10 लाख रुपये करने से खुदरा निवेशकों का एक बड़ा समूह आकर्षित होगा। स्वामित्व मंच 'योर्स' के संस्थापक एवं सीईओ श्रवण गुप्ता ने कहा कि इस कदम से देश में उभरते आंशिक स्वामित्व क्षेत्र पर काफी सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। वाइजएक्स के सीईओ आर्यमन वीर ने कहा कि यह रियल एस्टेट निवेश में अवसरों को बढ़ाने का रास्ता तैयार करेगा। (भाषा)
