देश में चीनी की सच में कमी है या नहीं, भारतीय चीनी मिल संघ ने कर दिया साफ

चीनी मिलों का अगला पेराई सत्र करीब 15 अक्टूबर से शुरू होने की उम्मीद है। शिरगांवकर ने बताया कि अक्टूबर महीने में करीब 10-12 लाख टन चीनी उत्पादन होने का अनुमान है। इससे नए सीजन की शुरुआत के साथ बाजार में उपलब्धता और बढ़ सकती है।

देश में चीनी की उपलब्धता को लेकर चिंता के बीच चीनी उद्योग संगठन भारतीय चीनी मिल संघ (इस्मा) ने बड़ी राहत की बात कही है। इस्मा ने सोमवार को कहा कि देश में चीनी की कोई किल्लत नहीं है और आने वाले दिनों में खुदरा बाजार में इसकी कीमतों में गिरावट देखने को मिल सकती है। संगठन के मुताबिक, हाल में कीमतों में हुई तेजी कई कारणों से आई है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में बाजार में पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।

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शुल्क-मुक्त आयात के बाद कीमतों में नरमी (तस्वीर-istock)

मांग बढ़ने और उत्पादन घटने से बढ़ीं कीमतें

PTI/भाषा के मुताबिक इस्मा के अध्यक्ष नीरज शिरगांवकर ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि चीनी की कीमतों में हालिया तेजी के पीछे कई वजहें हैं। इनमें सबसे प्रमुख कारण कीमतें आगे और बढ़ने की आशंका में कारोबारियों और थोक उपभोक्ताओं की ओर से की गई अतिरिक्त खरीदारी है। इसके अलावा खराब मौसम के कारण चीनी उत्पादन में कमी आने से भी बाजार पर असर पड़ा। उन्होंने कहा कि इन कारणों की वजह से खुदरा बाजार में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। हालांकि, इस्मा ने स्पष्ट किया कि कृत्रिम किल्लत पैदा करने या मिल स्तर पर कीमतें बढ़ाने में चीनी मिलों की कोई भूमिका नहीं है।

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