देश में चीनी की उपलब्धता को लेकर चिंता के बीच चीनी उद्योग संगठन भारतीय चीनी मिल संघ (इस्मा) ने बड़ी राहत की बात कही है। इस्मा ने सोमवार को कहा कि देश में चीनी की कोई किल्लत नहीं है और आने वाले दिनों में खुदरा बाजार में इसकी कीमतों में गिरावट देखने को मिल सकती है। संगठन के मुताबिक, हाल में कीमतों में हुई तेजी कई कारणों से आई है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में बाजार में पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
शुल्क-मुक्त आयात के बाद कीमतों में नरमी (तस्वीर-istock)
मांग बढ़ने और उत्पादन घटने से बढ़ीं कीमतें
PTI/भाषा के मुताबिक इस्मा के अध्यक्ष नीरज शिरगांवकर ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि चीनी की कीमतों में हालिया तेजी के पीछे कई वजहें हैं। इनमें सबसे प्रमुख कारण कीमतें आगे और बढ़ने की आशंका में कारोबारियों और थोक उपभोक्ताओं की ओर से की गई अतिरिक्त खरीदारी है। इसके अलावा खराब मौसम के कारण चीनी उत्पादन में कमी आने से भी बाजार पर असर पड़ा। उन्होंने कहा कि इन कारणों की वजह से खुदरा बाजार में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। हालांकि, इस्मा ने स्पष्ट किया कि कृत्रिम किल्लत पैदा करने या मिल स्तर पर कीमतें बढ़ाने में चीनी मिलों की कोई भूमिका नहीं है।
शुल्क-मुक्त आयात के बाद कीमतों में नरमी
शिरगांवकर ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दिए जाने के बाद बाजार में कीमतों में नरमी के संकेत मिलने लगे हैं। उनके मुताबिक, आयात की अनुमति से घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ेगी और कीमतों पर दबाव कम होगा। उन्होंने कहा, “भारत में चीनी की कोई कमी नहीं है।” इस्मा अध्यक्ष के अनुसार, मौजूदा चीनी विपणन सत्र के सितंबर के अंत में समाप्त होने तक देश में करीब 35 लाख टन चीनी का भंडार बचा रहेगा।
अक्टूबर से शुरू होगा नया पेराई सत्र
चीनी मिलों का अगला पेराई सत्र करीब 15 अक्टूबर से शुरू होने की उम्मीद है। शिरगांवकर ने बताया कि अक्टूबर महीने में करीब 10-12 लाख टन चीनी उत्पादन होने का अनुमान है। इससे नए सीजन की शुरुआत के साथ बाजार में उपलब्धता और बढ़ सकती है।
अक्टूबर में 24-25 लाख टन रह सकती है मांग
इस्मा के अनुसार, अक्टूबर महीने में देश में चीनी की मांग करीब 24-25 लाख टन रहने का अनुमान है। संगठन का कहना है कि उपलब्ध स्टॉक, शुल्क-मुक्त आयात और नए पेराई सत्र से होने वाले उत्पादन को देखते हुए बाजार में आपूर्ति को लेकर बड़ी समस्या नहीं है। ऐसे में आने वाले दिनों में चीनी की कीमतों में और नरमी आने की उम्मीद है। हालांकि, खुदरा बाजार में कीमतें किस स्तर तक घटेंगी, यह मांग, आपूर्ति और कारोबारियों की खरीदारी जैसे कारकों पर निर्भर करेगा।
