Goldman Sachs Nifty Prediction : भारतीय शेयर बाजार में हाल के उतार-चढ़ाव के बीच दुनिया की दिग्गज ब्रोकरेज और इन्वेस्टमेंट बैंकर Goldman Sachs ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाने वाली रिपोर्ट जारी की है। रिपार्ट में कहा गया है कि निफ्टी आने वाले समय में 26,500 अंक तक पहुंच सकता है। मौजूदा स्तरों के मुकाबले यह करीब 9.5 फीसदी की तेजी होगी। ब्रोकरेज का मानना है कि भारत की अर्थव्यवस्था से जुड़े कई संकेत बेहतर हो रहे हैं और इसी वजह से शेयर बाजार में नई तेजी देखने को मिल सकती है।
निफ्टी में आएगी जोरदार तेजी
Goldman Sachs का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में भारत के लिए कई अहम चीजें सकारात्मक हुई हैं। सबसे पहले, कच्चे तेल और दूसरी कमोडिटी की कीमतों में पहले के मुकाबले नरमी आई है। इससे कंपनियों की लागत कम होने की उम्मीद है और मुनाफा बढ़ सकता है। दूसरी बड़ी वजह रुपये में आई स्थिरता है। इसके अलावा ब्रोकरेज को उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कंपनियों के नतीजे भी अच्छे रहेंगे। यही वजह है कि उसने भारतीय बाजार के लिए अपना नजरिया सकारात्मक रखा है।
FII की वापसी से बड़ा सहारा
रिपोर्ट में कहा गया है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली अब लगभग थमती दिख रही है। इस समय विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में हिस्सेदारी अपेक्षाकृत कम है। ऐसे में अगर घरेलू अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रहती है, तो विदेशी निवेशकों की तरफ से बड़ी खरीदारी करने की गुंजाइश बन सकती है। ब्रोकरेज का मानना है कि आने वाले महीनों में विदेशी निवेश का प्रवाह बढ़ा तो बाजार को नई तेजी मिल सकती है।
कहां बनेगा सबसे ज्यादा पैसा?
रिपोर्ट में कुछ सेक्टरों को लेकर खास तौर पर भरोसा जताया है। रिपोर्ट के मुताबिक आने वाले समय में सबसे बेहतर मौके इन क्षेत्रों में हो सकते हैं।
मसलन, बैंकिंग के साथ ही पर्यटन और ट्रैवल, ऑयल रिफाइनिंग, बिजली, पावर यूटिलिटी से जुड़ी कंपनियों के स्टॉक्स में बेहतर प्रदर्शन देखने को मिल सकता है। ब्रोकरेज का मानना है कि इन सेक्टरों की कमाई और कारोबार दोनों में सुधार की संभावना है।
लार्जकैप पर भरोसा, मिडकैप से दूरी
रिपोर्ट में निवेशकों को सलाह दी गई है कि फिलहाल मिडकैप शेयरों की तुलना में लार्जकैप कंपनियों पर ज्यादा भरोसा करें। बड़ी कंपनियां मौजूदा बाजार में अपेक्षाकृत सुरक्षित विकल्प हो सकती हैं। इसके अलावा घरेलू मांग पर आधारित कंपनियों को निर्यात पर निर्भर कंपनियों से बेहतर माना गया है। यानी जिन कंपनियों का कारोबार मुख्य रूप से भारत में है, वे बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं।
'ग्रोथ' नहीं, अब 'वैल्यू' शेयरों की बारी
Goldman Sachs का कहना है कि बाजार में अब निवेशकों का रुझान महंगे 'ग्रोथ' शेयरों से हटकर उचित कीमत वाले 'वैल्यू' शेयरों की ओर बढ़ सकता है। आर्थिक गतिविधियों में सुधार के साथ निवेशक ऐसी कंपनियों को प्राथमिकता दे सकते हैं जिनकी कमाई मजबूत हो और जिनके शेयर अभी भी आकर्षक कीमत पर मिल रहे हों।
इन बड़े शेयरों पर लगाया दांव
Goldman Sachs ब्रोकरेज ने अपनी पसंदीदा बड़ी कंपनियों की सूची में कई चर्चित नाम शामिल किए हैं। इनमें हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स, इटरनल, पावर ग्रिड, अडानी ग्रीन एनर्जी, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), HDFC लाइफ इंश्योरेंस, मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स और मेकमायट्रिप शामिल हैं।
तेजी के रास्ते में कौन से खतरे?
गोल्डमैन सैक्स ने यह भी आगाह किया है कि पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव निकट अवधि में बाजार में उतार-चढ़ाव ला सकता है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आता है तो भारतीय बाजार पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि ब्रोकरेज का मानना है कि यह जोखिम फिलहाल लंबे समय की तेजी की संभावना को खत्म नहीं करता।
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