8th Pay Commission Formation Date: 8वें वेतन आयोग का गठन कब होगा, इसको लेकर स्पष्टता का इंतजार और लंबा हो गया है, क्योंकि संयुक्त सलाहकार तंत्र (Joint Consultative Machinery) की राष्ट्रीय परिषद की बैठक केंद्र सरकार और उसके कर्मचारियों के बीच विवादों को सुलझाने के लिए एक आधिकारिक प्लेटफॉर्म को दे दिया गया है। एनडीटीवी प्रोफट के मुताबिक यह जानकारी कर्मचारी यूनियनों से जुड़े लोगों दी। उन्होंने बताया कि वेतन आयोग के गठन पर स्पष्टता लाने वाली यह बैठक अब दिसंबर में होने की संभावना है। जेसीएम की राष्ट्रीय परिषद जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय कैबिनेट सचिव करते हैं और जिसके सदस्य कई नौकरशाह और कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि होते हैं। उसकी बैठक पहले नवंबर में होने की उम्मीद थी। हालांकि कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग के सचिव में बदलाव के कारण बैठक स्थगित कर दी गई। इसकी पुष्टि दो कर्मचारी संघ नेताओं ने की।
8वें वेतन आयोग का गठन पर नया अपडेट (तस्वीर-Canva)
जेसीएम की बैठक दिसंबर के दूसरे सप्ताह में होने की उम्मीद
विवेक जोशी, जो डीओपीटी सचिव थे। 26 अक्टूबर को जारी एक आदेश के जरिये उनके कैडर राज्य हरियाणा में वापस भेज दिया गया। उन्होंने नवंबर के पहले सप्ताह में राज्य के मुख्य सचिव के रूप में कार्यभार संभाला। केंद्रीय सरकार कर्मचारी एवं श्रमिक परिसंघ के एक सीनयर अधिकारी के अनुसार इस महीने जेसीएम की बैठक होनी तय थी। लेकिन डीओपीटी सचिव के तबादले के कारण इसमें देरी हुई। हमें उम्मीद है कि अब यह बैठक दिसंबर के पहले या दूसरे सप्ताह में होगी।
बैठक में 8वें वेतन आयोग पर स्पष्टता मिलने की उम्मीद
एनडीटीवी प्रॉफिट के मुताबिक कन्फेडरेशन के सीनियर सदस्य ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि इस बैठक में 8वें वेतन आयोग से संबंधित सरकार की योजना पर स्पष्टता मिलने की उम्मीद है। एनसी-जेसीएम के स्टाफ पक्ष के सचिव शिव गोपाल मिश्रा ने भी कहा कि डीओपीटी सचिव में बदलाव की वजह से जेसीएम की बैठक स्थगित कर दी गई है। उन्होंने एनडीटीवी प्रॉफिट से कहा कि यह बैठक नवंबर में होने वाली थी, लेकिन मौजूदा डीओपीटी सचिव के तबादले के बाद इसे स्थगित कर दिया गया है। गौरतलब है कि केंद्रीय वित्त सचिव सीनियर आईएएस अधिकारी तुहिन कांत पांडे ने अब डीओपीटी सचिव का पद भी संभाल लिया है। इस महीने की शुरुआत में जारी एक आदेश के जरिए उन्हें अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था।
8वें वेतन आयोग के गठन में देर क्यों?
एनडीटीवी प्रॉफिट के मुताबिक यह पूछे जाने पर कि क्या आगामी एनसी-जेसीएम बैठक में 8वें वेतन आयोग के गठन की मांग उठाई जाएगी? मिश्रा ने कहा कि हम निश्चित रूप से इस मामले को उठाएंगे। उस बैठक में कुछ स्पष्टता उभरनी चाहिए। हमने सरकार के समक्ष पहले ही दो ज्ञापन प्रस्तुत किए हैं, और हम आगे भी अपनी मांग को लगातार उठाते रहेंगे। मिश्रा ने कहा कि पहला ज्ञापन राजीव गौबा को सौंपा गया था, जो जुलाई में केंद्रीय बजट की प्रस्तुति के समय केंद्रीय कैबिनेट सचिव थे। उन्होंने कहा कि दूसरा ज्ञापन उनके उत्तराधिकारी टीवी सोमनाथन को सौंपा गया, जिन्होंने 30 अगस्त को कैबिनेट सचिव का पदभार संभाला।
मिश्रा के मुताबिक 8वें वेतन आयोग की घोषणा के लिए यह समय उपयुक्त है। उन्होंने कहा कि हमने इस महीने की शुरुआत में वित्त सचिव (तुहिन कांता पांडे) से मुलाकात की। हमने उन्हें बताया कि भारत की जीडीपी मजबूत गति से आगे बढ़ रही है, सभी क्षेत्र बढ़ रहे हैं और समग्र आर्थिक स्थिति बेहतर है। ऐसा कोई कारण नहीं है कि 8वें वेतन आयोग का गठन अभी न किया जाए। मिश्रा ने यह भी कहा कि 8वें वेतन आयोग के गठन के बाद 2.86 के फिटमेंट फैक्टर की मांग करेंगे। फिटमेंट फैक्टर सरकारी कर्मचारियों के मूल वेतन को संशोधित करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली गुणन इकाई है।
10 साल में एक बार होता है वेतन आयोग का गठन
सरकारी कर्मचारियों और रिटायर कर्मचारियों के वेतन और पेंशन को संशोधित करने के लिए आम तौर पर 10 साल में एक बार वेतन आयोग का गठन किया जाता है। पिछला वेतन पैनल 7वां वेतन आयोग फरवरी 2014 में गठित किया गया था और इसकी सिफारिशें जनवरी 2016 से लागू की गई थीं। वेतन आयोगों के गठन को सरकारी कर्मचारियों के वेतन को संशोधित करने की दिशा में पहला कदम माना जाता है। पैनल गठित होने के बाद सभी हितधारकों के साथ विचार-विमर्श करते हैं और सरकार के समक्ष अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करते हैं। इस अभ्यास का एक महत्वपूर्ण राजकोषीय बोझ है, क्योंकि केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की संख्या एक करोड़ से अधिक है। 7वें वेतन आयोग ने वित्त वर्ष 2017 में 1.02 लाख करोड़ रुपये के वित्तीय निहितार्थ जोड़े थे।
