नए श्रम कानून से महिलाओं की बल्ले-बल्ले, मिलेंगे 26 सप्ताह का सवेतन मातृत्व अवकाश और बहुत कुछ

New Labour Codes, Women Workforce Participation: ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ एम्प्लॉयर्स (AIOE) और लॉ फर्म शार्दुल अमरचंद मंगलदास द्वारा जारी एक श्वेत पत्र के अनुसार लागू हुए चार नए लेबर कोड महिलाओं के लिए रोजगार को अधिक सुरक्षित, स्थिर और सुलभ बनाकर वर्क फोर्स में उनकी भागीदारी को उल्लेखनीय रूप से बढ़ा सकते हैं।

New Labour Codes, Women Workforce Participation: देश में महिलाओं की वर्कफोर्स में भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित चार नई श्रम संहिताएं (लेबर कोड्स) 21 नवंबर 2025 से लागू हो गई हैं। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ एम्प्लॉयर्स (AIOE) और प्रमुख लॉ फर्म शार्दुल अमरचंद मंगलदास द्वारा जारी एक श्वेत पत्र (व्हाइट पेपर) में कहा गया है कि ये नए कानून महिलाओं के लिए काम को अधिक सुरक्षित, सुलभ और स्थायी बनाकर उनके रोजगार के अवसरों में महत्वपूर्ण वृद्धि कर सकते हैं।

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महिला श्रम भागीदारी बढ़ाने की दिशा में नए श्रम कानून एक नई शुरुआत (तस्वीर-ANI)

महिलाओं की भागीदारी में बढ़ोतरी का संकेत

न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक “ब्रेकिंग द ग्लास सीलिंग: हाउ द लेबर कोड्स बूस्ट विमेन्स पार्टिसिपेशन इन इंडियाज वर्कफोर्स” शीर्षक वाले इस श्वेत पत्र में बताया गया है कि भारत में महिला श्रम बल भागीदारी दर में लगातार सुधार हुआ है। वर्ष 2017-18 में यह दर 23.3 प्रतिशत थी, जो 2023-24 में बढ़कर 41.7 प्रतिशत हो गई है। यह बदलाव सामाजिक सोच में परिवर्तन और महिला-केंद्रित कानूनों व सरकारी योजनाओं का परिणाम माना जा रहा है।

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