New India Co operative bank Scam : न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक के महाप्रबंधक एवं लेखा प्रमुख हितेश मेहता और उनके सहयोगियों पर 122 करोड़ रुपये के गबन का मामला दर्ज किया गया है। मुंबई पुलिस ने यह मामला दर्ज कर इसे आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को सौंप दिया है।
न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक।
कैसे हुआ घोटाला?
बैंक के कार्यवाहक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) देवर्षि घोष ने मध्य मुंबई के दादर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। महाप्रबंधक हितेश मेहता और अन्य सहयोगियों ने साजिश के तहत बैंक की प्रभादेवी और गोरेगांव शाखाओं की तिजोरियों में रखा धन गबन कर लिया। कुल 122 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई।
आरबीआई की कड़ी कार्रवाई
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने गंभीर वित्तीय अनियमितताओं को देखते हुए बैंक पर ये सख्त प्रतिबंध लगा दिए गए हैं जिनमें
- जमाकर्ताओं की धन निकासी पर रोक
- बैंक के बोर्ड को भंग कर प्रशासक नियुक्त
- प्रशासक की मदद के लिए सलाहकार समिति का गठन शामिल है
धाराएं और कानूनी कार्रवाई
मुंबई पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है। बैंक की 28 शाखाएं मुंबई महानगर में हैं। वहीं सूरत (गुजरात) में 2 शाखाएं और पुणे में 1 शाखा है।
भाषा इनपुट के साथ
