Pan Masala News: पान मसाला बनाने वाली कंपनियों के लिए सरकार ने एक नया नियम लागू किया है। स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर कानून 1 फरवरी 2026 से लागू होगा। इस कानून के तहत पान मसाला निर्माताओं को तुरंत रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा। वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार (2 जनवरी 2025) को इसकी जानकारी दी और साथ ही इस कानून से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ) भी जारी किए हैं।
फाइनेंस मंत्रालय ने जारी किया पान मसाला उपकर नियम, 1 फरवरी से लागू
1 फरवरी 2026 से रजिस्ट्रेशन जरूरी
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक वित्त मंत्रालय ने साफ किया है कि जो पान मसाला निर्माता पहले से कारोबार कर रहे हैं, उन्हें 1 फरवरी 2026 से ही रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करना होगा। इसी तारीख से उनकी उपकर देनदारी भी शुरू मानी जाएगी। रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र भी इसी तारीख से मान्य होगा।
हर फैक्ट्री के लिए अलग रजिस्ट्रेशन
अगर किसी पान मसाला निर्माता के पास एक से अधिक फैक्ट्रियां हैं और हर फैक्ट्री में पैकिंग मशीनें लगी हुई हैं, तो हर फैक्ट्री के लिए अलग-अलग रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके लिए सरकार के केंद्रीय उत्पाद-शुल्क एवं सेवा कर स्वचालन (ACES) पोर्टल पर आवेदन करना अनिवार्य होगा।
मशीनों की जानकारी देना अनिवार्य
रजिस्ट्रेशन मिलने के बाद कंपनियों को सात दिनों के भीतर अपनी सभी पैकिंग मशीनों से जुड़ी जानकारी ACES पोर्टल पर देनी होगी। इसमें मशीन की अधिकतम पैकिंग गति, उत्पाद का वजन और अन्य तकनीकी जानकारी शामिल होगी। इसी जानकारी के आधार पर सरकार यह तय करेगी कि कंपनी को कितना उपकर देना होगा।
90 दिनों में होगा सत्यापन
एफएक्यू के अनुसार, मशीनों की शुरुआती जानकारी देने के 90 दिनों के भीतर टैक्स अधिकारी फैक्ट्री का दौरा करेंगे। वे मशीनों और उत्पादन प्रक्रिया का फिजिकल सत्यापन करेंगे ताकि दी गई जानकारी सही है या नहीं, यह जांचा जा सके।
7 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो रजिस्ट्रेशन स्वतः मंजूर
सरकार ने कारोबारियों को राहत देते हुए कहा है कि अगर रजिस्ट्रेशन आवेदन करने के 7 कार्यदिवसों के भीतर कर विभाग कोई कार्रवाई नहीं करता है, तो आवेदन स्वतः स्वीकृत माना जाएगा। इसके अलावा, अस्थायी रजिस्ट्रेशन संख्या मिलने के बाद भी कंपनियां उपकर का भुगतान कर सकती हैं।
हर महीने देना होगा उपकर
इस कानून के तहत पान मसाला निर्माताओं को हर महीने की शुरुआत में उपकर का भुगतान करना होगा। किसी भी हालत में यह भुगतान महीने की 7 तारीख से पहले करना जरूरी होगा। अगर समय पर भुगतान नहीं किया गया, तो कम से कम 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
सीसीटीवी सिस्टम लगाना अनिवार्य
नए नियमों के अनुसार, सभी पान मसाला फैक्ट्रियों में सीसीटीवी कैमरे लगाना जरूरी होगा। ये कैमरे पैकिंग मशीनों और पूरी उत्पादन प्रक्रिया को कवर करेंगे। सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग 24 महीने तक सुरक्षित रखनी होगी। अगर अधिकारी मांग करें, तो रिकॉर्डिंग 48 घंटे के भीतर उपलब्ध करानी होगी।
कितना लगेगा उपकर?
इस नए कानून के तहत पान मसाला पर उत्पादन क्षमता के आधार पर उपकर लगाया जाएगा। यह उपकर अधिकतम 40 प्रतिशत जीएसटी के ऊपर हो सकता है। हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि कुल टैक्स भार पहले जैसा ही रहेगा, यानी लगभग 88 प्रतिशत।
अभी कितना टैक्स लगता है?
फिलहाल पान मसाला पर 28 प्रतिशत जीएसटी और उसके साथ क्षतिपूर्ति उपकर लगाया जाता है। नया उपकर कानून लागू होने के बाद टैक्स की संरचना बदलेगी, लेकिन कुल टैक्स बोझ में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी।
नियम 1 जनवरी को अधिसूचित
वित्त मंत्रालय ने बताया कि स्वास्थ्य एवं राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर अधिनियम के तहत नियमों को 1 जनवरी को अधिसूचित कर दिया गया था। अब इन नियमों को 1 फरवरी 2026 से पूरी तरह लागू किया जाएगा।
