वसीयत बनाते समय भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना परिवार में मचेगा कलह

वसीयत (Will) बनाना सिर्फ संपत्ति का बंटवारा नहीं है, बल्कि आपके बाद आपके परिवार की शांति और सुरक्षा की गारंटी देता है। अक्सर लोग वसीयत बनाते समय कुछ गलतियां कर बैठते हैं, जिसका खामियाजा परिवार को भुगतान पड़ता है।

संपत्ति विवाद की खबरें अक्सर सुर्खियां बटोरती है। हाल ही में करिश्मा कपूर और उनके दिवंगत पूर्व पति संजय कपूर के परिवार के बीच लगभग ₹30,000 करोड़ की संपत्ति को लेकर एक बड़ा कानूनी विवाद चल रहा है। यह मामला संजय कपूर द्वारा छोड़ी गई एक संदिग्ध वसीयत और पारिवारिक ट्रस्ट से जुड़ा हुआ है। करिश्मा कपूर के बच्चों ने दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि उनके पिता संजय कपूर की वसीयत में हेरफेर की गई है। यह कोई इकलौता मामला नहीं है। वसीयत में गलतियों के कारण सैंकड़ों परिवार देश के अलग-अलग शहरों के कोर्ट में चक्कर लगा रहे हैं। ऐसी गलती आप भी न करें, इसके लिए हम बता रहे हैं कि वसीयत बनाते समय किन बातों का ख्याल रखना चाहिए और किन गलतियों से बचना चाहिए?

Will making tips

वसीयत की गलती

वसीयत कब मान्य होती है?

वसीयत तब मान्य होती है, जब कोई पूरी तरह से होश-हवास में मौजूद व्यक्ति उसे अपनी मर्जी से बनाता है और उसकी बातों को समझता है। वसीयत बनाने वाले व्यक्ति को उस पर दस्तखत करने होते हैं, और कम से कम दो गवाहों को दस्तखत होते हुए देखने के बाद या वसीयत बनाने वाले व्यक्ति से पुष्टि मिलने के बाद उसे प्रमाणित करना होता है।

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