Mutual Fund KYC Deadline:अगर आपने भी म्यूचुअल फंड स्कीम में निवेश कर रखा है तो आपको अलर्ट हो जाना चाहिए। ऐसा इसलिए हैं क्योंकि जिन म्यूचुअल फंड निवेशकों ने आधार नंबर के जरिए केवाईसी कराई है, उसे रीवैलीडेट करने की अंतिम तारीख नजदीक आ गई है। निवेशकों को 30 अप्रैल, 2023 तक अपनी केवाईसी को रिवैलिडेट कराना जरूरी है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने अपने सर्कुलर में कहा था कि जिन ग्राहकों ने आधार को केवाईसी के प्रमुख दस्तावेज के रूप में इस्तेमाल किया है, वह एक नवंबर, 2022 के बाद 180 दिनों के अंदर इसे रीवैलीडेट करा लें। और इस आधार पर डेडलाइन 30 अप्रैल 2023 को खत्म हो रही है।
म्युचुअल फंड निवेशक हो जाएं अलर्ट
कई बार सेबी बढ़ा चुका है डेडलाइन
सेबी की ओर से केवाईसी वैलिडेशन की डेडलाइन कई बार बढ़ाई जा चुकी है। पहले सेबी ने केवाईसी वैलिडेशन के लिए 1 जुलाई, 2022 की डेडलाइन तय की थी। इसके बाद उसे बढ़ाकर 1 नवंबर, 2022 कर दिया था। और फिर उसे बढ़ाकर 30 अप्रैल 2023 कर दिया था। एक बार म्यूचुअल फंड रीवैलीडेशन हो जाने के बाद केआरए (केवाईसी रजिस्ट्रेशन एजेंसी) निवेशक को एक कोड देगा, जिसकी मदद से निवेशक बिना केवाईसी प्रोसेस को दोहराए, कहीं भी आसानी से अकाउंट खुलवा सकेंगे।
नई कराने पर अटकेगा लेन-देन
अगर कोई निवेशक 30 अप्रैल की डेडलाइन तक अपनी केवाईसी का रिवैलिडेशन नहीं कराता है तो उसका बाजार में लेन-देन अटक सकता है। पिछले सर्कलुर में सेबी ने कहा था कि निवेशक को केवाईसी वैलीडेट करने के बाद ही बाजार में लेनदेन करने की अनुमति मिलेगी। किसी भी म्यूचुअल फंड स्कीम में निवेश करने से पहले आपको फाइनेंशियल लक्ष्य को तय करना चाहिए। यानी आप जो पैसा निवेश कर रहे हैं, उससे कब और कितनी रकम चाहते हैं। इसके अलावा निवेश करते समय फंड के रिस्क और आप खुद कितना रिस्क ले सकते हैं, इसकी समझ जरूर होनी चाहिए।
