Mutual Fund Industry AUM: म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री (Mutual Fund Industry) ने पिछले साल 2022 के कमजोर प्रदर्शन से उबरते हुए इस साल 2023 में जोरदार वापसी की है। इससे इंडस्ट्री की एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) में 9 लाख करोड़ रुपये की शानदार वृद्धि हुई। जानकारों का मानना है कि यह ग्रोथ एक उत्साही शेयर बाजार, स्थिर ब्याज दरों और मजबूत आर्थिक वृद्धि के चलते हुई है। उन्होंने कहा कि पॉजिटिव स्पीड अगले वर्ष भी जारी रह सकती है। म्यूचुअल फंड बॉडी एम्फी (AMFI) के आंकड़ों के अनुसार, मजबूत वृद्धि के साथ इस वर्ष कुल निवेश 3.15 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। साथ ही निवेशकों की संख्या में दो करोड़ से अधिक की वृद्धि हुई है। इसे एसआईपी (SIP) की बढ़ती लोकप्रियता से सहारा मिला, जिसमें 1.66 लाख करोड़ रुपये का निवेश हुआ।
म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री एयूएम
ये भी पढ़ें - IPO Market: 2023 में कंपनियों ने आईपीओ रूट से जुटाए 52000 करोड़, जानिए कैसा रह सकता है 2024
एयूएम में 23% का इजाफा
एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के आंकड़ों से पता चलता है कि इस फ्लो (आए हुए निवेश) ने 2023 में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की एयूएम को 23 प्रतिशत यानी 9 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ा दिया है।
यह 2022 के दौरान एयूएम में देखी गई सात प्रतिशत वृद्धि और 2.65 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि के साथ-साथ 2021 में में लगभग 22 प्रतिशत वृद्धि और लगभग 7 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि से कहीं अधिक थी।
तीन सालों का परफॉर्मेंस
इस तरह पिछले तीन साल में इंडस्ट्री ने सामूहिक रूप से अपने एयूएम में 18 लाख करोड़ रुपये जोड़े हैं। आंकड़ों के अनुसार, म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की एयूएम दिसंबर, 2022 के अंत में 40 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2023 में नवंबर के अंत तक 49 लाख करोड़ रुपये के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गई।
लगातार 11वें साल हुई वृद्धि
दिसंबर, 2021 के अंत में एसेट अंडर मैनेजमेंट 37.72 लाख करोड़ रुपये और दिसंबर 2020 में 31 लाख करोड़ रुपये थी। इंडस्ट्री के एयूएम में लगातार 11वीं वार्षिक वृद्धि हुई है। इस साल वृद्धि को इक्विटी स्कीमों में आए निवेश, खासकर एसआईपी के माध्यम से आए निवेश से सपोर्ट मिला है।
आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी के एमडी और सीईओ ए बालसुब्रमण्यन ने कहा है कि पॉजिटिव ट्रेंड 2024 में भी जारी रहेगा और एयूएम में भारी वृद्धि के लिए इक्विटी बाजारों में तेजी, स्थिर ब्याज दरों और बढ़ती आर्थिक ग्रोथ को श्रेय जाता है।
कितना उछला सेंसेक्स
मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया (रिसर्च मैनेजर) निदेशक कौस्तुभ बेलापुरकर ने कहा है कि निवेशक लंबी अवधि के लिए म्यूचुअल फंड में निवेश करना जारी रखते हैं और नए निवेशक भी म्यूचुअल फंड में तेजी से निवेश कर रहे हैं, जैसा कि साल भर में नए फोलियो में अच्छी वृद्धि से देखा जा सकता है।
इस साल सेंसेक्स ने 19 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। वहीं, बीएसई मिडकैप ने 45 प्रतिशत और बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक ने 47 प्रतिशत का रिटर्न दिया है।
