Multibagger FII Stock: विदेशी निवेशक इस साल भारतीय शेयर बाजार में 2.55 लाख करोड़ से ज्यादा की बिकवाली कर चुके हैं। हालांकि, कुछ स्टॉक्स ऐसे भी हैं, जहां विदेशी निवेशकों ने जमकर खरीदारी की है। इनमें IOL Chemicals भी शामिल है। इस मिडकैप फार्मा शेयर पर FII/PFI ने भरोसा जताया है। इसकी वजह से पिछले 6 महीने में इस शेयर में 120% की शानदार तेजी देखने को मिली है।
विदेशी निवेशक जमकर लगा रहे पैसा
आईओएल केमिकल्स एंड फार्मास्यूटिकल्स के जून 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी निवेशकों ने कंपनी में एक FY 27 Q1 में अपनी हिस्सेदारी 3.15 फीसदी बढ़ाकर 14.87% कर दी है। बहरहाल, एक आम निवेशक के सामने बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर विदेशी निवेशकों को इस कंपनी में ऐसा क्या नजर आ रहा है? क्या यह तेजी सिर्फ मोमेंटम है या कंपनी के कारोबार में भी बड़ा बदलाव आ रहा है?
6 महीने में मल्टीबैगर रिटर्न
इस साल अब तक शेयर बाजार के हालात निराशाजनक रहे हैं। बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty ने जिस दौर में 6-7 फीसदी नेगेटिव रिटर्न दिया है। उस दौर में भी इस शेयर ने मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। इससे पता चलता है कि विदेशी निवेशक सिर्फ मौजूदा प्रदर्शन नहीं, बल्कि कंपनी की आने वाले वर्षों की विकास क्षमता पर दांव लगा रहे हैं।
आखिर क्या करती है कंपनी?
IOL Chemicals and Pharmaceuticals देश की प्रमुख फार्मा कंपनियों में शामिल है। कंपनी मुख्य रूप से सक्रिय दवा सामग्री (API) बनाती है। इसके अलावा स्पेशलिटी केमिकल्स का कारोबार भी करती है। कंपनी की सबसे बड़ी पहचान यह है कि यह दुनिया की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड आइबुप्रोफेन निर्माता कंपनियों में से एक है। इसकी सालाना उत्पादन क्षमता करीब 12,000 मीट्रिक टन है। हालांकि, अब कंपनी सिर्फ आइबुप्रोफेन पर निर्भर नहीं रहना चाहती।
बढ़ा रही कारोबार का दायरा
कुछ साल पहले तक कंपनी की कमाई का बड़ा हिस्सा आइबुप्रोफेन से आता था। लेकिन अब कंपनी लगातार नए API उत्पादों पर फोकस बढ़ा रही है। वित्त वर्ष 2021 में कंपनी के गैर-आइबुप्रोफेन उत्पादों की हिस्सेदारी 18% थी। वित्त वर्ष 2026 में यह बढ़कर 37% हो गई है। आज कंपनी मेटफॉर्मिन, पैरासिटामोल, पैंटोप्राजोल, क्लोपिडोग्रेल, फेनोफाइब्रेट समेत कई दवा सामग्री तैयार कर रही है। यानी भविष्य में कंपनी की कमाई ज्यादा संतुलित हो सकती है।
100 एकड़ में नया प्रोजेक्ट
IOL Chemicals विस्तार पर भी तेजी से काम कर रही है। कंपनी ने चंडीगढ़-बठिंडा हाईवे पर 101 एकड़ जमीन खरीदी है, जहां नया मैन्युफैक्चरिंग परिसर बनाया जा रहा है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी ने लगभग 160 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश किया। यह पूरा निवेश आंतरिक नकदी से किया गया, यानी कंपनी ने इसके लिए कर्ज नहीं लिया। प्रबंधन के मुताबिक नया प्लांट अगले 6 से 8 तिमाहियों में चालू हो सकता है। वित्त वर्ष 2027 में होने वाला अधिकांश निवेश भी फार्मा कारोबार बढ़ाने पर खर्च किया जाएगा।
| पैरामीटर | विवरण |
|---|---|
| पिछले 6 महीने का रिटर्न | करीब 120% |
| एफआईआई हिस्सेदारी (जून तिमाही) | 14.87% |
| तिमाही में एफआईआई बढ़ोतरी | 3.15 प्रतिशत अंक |
| दुनिया में पहचान | सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड आइबुप्रोफेन निर्माता कंपनियों में शामिल |
| नया निवेश | 101 एकड़ नया मैन्युफैक्चरिंग परिसर |
| वित्त वर्ष 2026 राजस्व वृद्धि | 11.5% |
| वित्त वर्ष 2026 मुनाफा वृद्धि | 36.4% |
| वित्त वर्ष 2027 लक्ष्य | लगभग 15% राजस्व वृद्धि |
नतीजों में भी दिख रही मजबूती
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में भी मजबूती दिखाई दे रही है। वित्त वर्ष 2025 में जहां कंपनी का रेवेन्यू ₹2,079 करोड़ रहा, जो 2026 में 11.5% बढ़कर ₹2,319 करोड़ हो गया। इसी तरह नेट प्रॉफिट ₹101 करोड़ से 36.4% बढ़कर ₹138 करोड़ रुपये पहुंच गया। कंपनी के प्रबंधन का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027 में कंपनी का कारोबार करीब 15% बढ़ सकता है।
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