AI की दुनिया में तहलका मचाएंगे मुकेश अंबानी, अरबों डॉलर निवेश से रिलायंस की बड़ी तैयारी, जानें कंपनी की योजना

रिलायंस ने शनिवार को मेटा की अनुषंगी कंपनी फेसबुक ओवरसीज इंक. के साथ एक एआई संयुक्त उद्यम, रिलायंस एंटरप्राइज़ इंटेलिजेंस लिमिटेड (आरईआईएल) की घोषणा की है। रिलायंस जामनगर में एक समर्पित क्लाउड क्षेत्र स्थापित करने के लिए गूगल के साथ भी सहयोग कर रही है, जिसमें रिलायंस की बुनियादी ढांचा क्षमताओं को गूगल की एआई और क्लाउड तकनीकों के साथ जोड़ा जाएगा।

अरबपति उद्योगपति मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) अगले कुछ साल में कृत्रिम मेधा (AI) इंफ्रा पर लगभग 12-15 अरब अमेरिकी डॉलर खर्च कर सकती है, जिसमें एक विशाल एक गीगावाट डेटा सेंटर भी शामिल हो सकता है। मॉर्गन स्टेनली ने एक रिपोर्ट में यह बात कही है। अंबानी ने अगस्त में कंपनी की शेयरधारकों की वार्षिक बैठक में एक नई अनुषंगी कंपनी और रणनीतिक भागीदारियों के माध्यम से एआई में एक बड़े कदम की घोषणा की थी। एक नई पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी, रिलायंस इंटेलिजेंस, समूह की AI पहल का नेतृत्व करेगी, जो चार स्तंभों पर केंद्रित होंगी - ढांचा (भवन गीगावाट-स्केल, एआई-तैयार डेटा केंद्र का निर्माण), साझेदारियां (भारत में अत्याधुनिक एआई समाधान लाने के लिए वैश्विक तकनीकी दिग्गजों के साथ सहयोग करना), सेवाएं (भारतीय उपभोक्ताओं, छोटे व्यवसायों और शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और कृषि जैसे क्षेत्रों में उद्यमों के लिए अनुकूलित एआई-संचालित सेवाओं का विकास) और प्रतिभा (भारत के एआई कार्यबल के कौशल विकास और पोषण में निवेश)।

मुकेश अंबानी

मुकेश अंबानी (PTI)

डेटा सेंटर विकसित करने पर भारी निवेश

मॉर्गन स्टेनली ने रिपोर्ट में कहा कि रिलायंस ने हर दशक में खुद को नया रूप दिया है और एआई उसकी इक्विटी कहानी को नया रूप देने के लिए तैयार है। जेन एनआई ऊर्जा, डिजिटल, उपभोक्ता और मीडिया क्षेत्रों में तालमेल के माध्यम से मूल्य संवर्धन करते हुए बड़े पैमाने पर पूंजी निवेश को सक्षम बनाता है। रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘हमारा अनुमान है कि रिलायंस एक गीगावाट डेटा सेंटर विकसित करने के लिए एआई ढांचे पर लगभग 12-15 अरब अमेरिकी डॉलर खर्च करेगी, जिसमें लगभग 25 प्रतिशत क्षमता का वहन स्वयं करेगी (डेटा सेंटर ढांचे पर लगभग सात अरब अमेरिकी डॉलर और कंपनी द्वारा सीधे स्थापित किए जाने वाले 250 मेगावाट के चिप के लिए पांच अरब अमेरिकी डॉलर)।

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