Jio Financial-BlackRock Joint Venture: अरबपति मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) के रिलायंस ग्रुप (Reliance Group) की फाइनेंशियल सर्विस कंपनी जियो फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (Jio Financial Services Ltd) या जेएफएसएल और ब्लैकरॉक (Blackrock) ने 50-50 प्रतिशत हिस्सेदारी वाला एक जॉइंट वेंचर (जेवी) स्थापित करेंगी। ये घोषणा करते हुए कहा गया कि दोनों कंपनियां इसमें 15-15 करोड़ डॉलर (1230-1230 करोड़ रु) का निवेश करेंगी।
जियो फाइनेंशियल का ब्लैकरॉक जॉइंट वेंचर
ब्लैकरॉक न्यूयॉर्क शहर में स्थित एक अमेरिकी मल्टीनेशनल निवेश कंपनी है।
क्या होगा जेवी का नाम
जियो फाइनेंशियल और ब्लैकरॉक के जेवी का नाम जियो ब्लैकरॉक (Jio BlackRock) है। दोनों कंपनियों की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया कि जियो ब्लैकरॉक जेवी देश में एसेट मैनैजमेंट बिजनेस में उतरेगा। इस साझेदारी के जरिये भारत की एसेट मैनेजमेंट इंडस्ट्री में बड़े बदलाव लाने का इरादा जताया गया है।
यह जेवी 2018 में बाहर निकलने के बाद ब्लैकरॉक की भारतीय बाजार में फिर से एंट्री का प्रतीक होगा।
क्या है जेवी का मकसद
जियो ब्लैकरॉक इंवेस्टमेंट मैनेजमेंट, रिस्क मैनेजमेंट और टेक्नोलॉजी में ब्लैकरॉक की विशेषज्ञता को जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के लोकल मार्केट के ज्ञान और डिजिटल इंफ्रा के साथ जोड़ेगी। जेवी का लक्ष्य भारतीय बाजार में यूनीक स्कोप और पैमाने के साथ एक नई कंपनी को पेश करना है।
करोड़ों निवेशकों को सर्विस
ब्लैकरॉक के एशिया-प्रशांत प्रमुख रैचल लॉर्ड ने कहा कि जियो ब्लैकरॉक दोनों ही कंपनियों की जॉइंट ताकत और विस्तार का इस्तेमाल करते हुए भारत के करोड़ों निवेशकों को सेवाएं देगी।
जियो फाइनेंशियल को किया अलग
इससे पहले बुधवार को, कारोबार के 20 अरब डॉलर (1.64 लाख करोड़ रु) का डिमर्जर पूरा होने के बाद, रिलायंस ने फाइनेंशियल सर्विसेज बिजनेस रिलायंस स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट्स का नाम बदलकर जियो फाइनेंशियल सर्विसेज कर दिया।
जियो फाइनेंशियल ने लोन बिजनेस के साथ-साथ बीमा, भुगतान, डिजिटल ब्रोकिंग और एसेट मैनेजमेंट जैसे अन्य फाइनेंशियल सेक्टरों में रुचि दिखाई है।
