क्राउडफंडिंग से जुटाया पैसा? तो अब जान लें टैक्स लगेगा या नहीं

क्राउडफंडिंग आज इलाज, पढ़ाई और सोशल मदद जुटाने का सबसे आसान तरीका बन गया है, लेकिन इसके साथ एक बड़ा सवाल भी जुड़ा है क्या ऑनलाइन जुटाई गई यह रकम टैक्स के दायरे में आती है? हाल ही में कई लोगों को ITR फाइलिंग के दौरान नोटिस मिले हैं, जिससे यह मुद्दा और चर्चा में है। ऐसे में जरूरी है समझना कि क्राउडफंडिंग से मिले पैसे पर टैक्स कब लगता है और कब नहीं।

आज के समय में क्राउडफंडिंग लोगों के लिए बड़ी मदद का जरिया बन गया है। पहले लोग इलाज, पढ़ाई या किसी कठिन आर्थिक स्थिति में सिर्फ रिश्तेदारों और दोस्तों से ही मदद लेते थे, लेकिन अब Ketto, Milaap, ImpactGuru जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ने इस व्यवस्था को एक नई पहचान दे दी है। इंटरनेट पर लोग अपनी कहानी दुनिया से साझा करते हैं और हजारों अनजान लोग भी मदद के लिए आगे आ जाते हैं। लेकिन जैसे-जैसे यह ट्रेंड बढ़ रहा है, एक सवाल भी तेजी से सामने आ रहा है क्या क्राउडफंडिंग से मिलने वाला पैसा सच में ‘मदद’ है या इनकम टैक्स के नजरिए से यह टैक्सेबल इनकम माना जाएगा?

Crowdfunding

पिछले कुछ समय में ITR फाइलिंग के दौरान सैकड़ों लोगों को क्राउडफंडिंग से जुटाए पैसों पर टैक्स नोटिस मिले, जिससे लोगों में डर और भ्रम भी बढ़ा। कई लोग यह समझ नहीं पा रहे कि यह पैसा ‘गिफ्ट’ माना जाएगा, ‘डोनेशन’ या ‘टैक्सेबल इनकम’। इसी वजह से यह विषय आज हर व्यक्ति के लिए जरूरी बन गया है।

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