चीन के खिलाफ बिजनेस स्ट्राइक की तैयारी ! मोदी सरकार ले सकती है बड़ा फैसला

Anti Dumping Duty On Some China Products: चीन से एल्युमिनियम एलॉय व्हील के आयात पर पहली बार मई 2015 में डंपिंग-रोधी शुल्क लगाया गया था। इसे 2019 में और फिर 2022 में दोबार बढ़ाया गया। मौजूदा शुल्क आठ अप्रैल 2024 तक जारी है।

Modi Government May Extend Anti Dumping Duty On Some China Products: चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है और वह न केवल सीमा विवाद को उलझाए हुए है, बल्कि कारोबार में भी अनुचित तरीके अपना रहा है। अब इसी पर लगाम कसने के लिए मोदी सरकार सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। इसके तहत वाणिज्य मंत्रालय की जांच शाखा डीजीटीआर ने घरेलू उद्योग की शिकायतों के बाद चीन से आयातित एल्युमीनियम एलॉय व्हील पर डंपिंग-रोधी शुल्क जारी रखने की समीक्षा शुरू कर दी है। इसके अलावा एक अलग अधिसूचना में डीजीटीआर ने चीन से ‘विस्कोस रेयान फिलामेंट यार्न’ के आयात पर पांच साल के लिए शुल्क लगाने की सिफारिश की है।

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चीन पर सख्ती की तैयारी

चीन ने क्या किया

असल में भारतीय कंपनियों ने सरकार से चीन की शिकायत की है। इसमें कोसेई मिंडा एल्युमीनियम कंपनी, मैक्सियन व्हील्स एल्युमीनियम इंडिया, मिंडा कोसेई एल्युमीनियम व्हील और स्टील स्ट्रिप्स व्हील्स ने चीन से निर्यात होने वाले ‘एल्यूमीनियम के एलॉय रोड व्हील’ के आयात पर लगाए गए डंपिंग-रोधी शुल्क को जारी रखने के लिए निर्णायक समीक्षा जांच शुरू करने की मांग की है। इसके लिए उन्होंने घरेलू उद्योग की ओर से एक आवेदन दायर किया है। और सबूत के रूप में वाणिज्य मंत्रालय की इकाई व्यापार उपचार महानिदेशालय (डीजीटीआर) के अनुसार आवेदक कंपनियों ने मौजूदा डंपिंग-रोधी शुल्कों के बावजूद चीन से उत्पाद की डंपिंग के प्रथम दृष्टया साक्ष्य सौंपे हैं। सस्ते आयात में वृद्धि के कारण घरेलू उद्योगों को नुकसान हुआ है या नहीं यह निर्धारित करने के लिए देशों द्वारा डंपिंग रोधी जांच की जाती है।

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