क्या 1 या 2 EMI बाउंस होते ही बैंक उठा ले जाएगा आपकी गाड़ी? कार लोन की EMI मिस होने पर बैंक कब जब्त कर सकते हैं गाड़ी?

Car Loan Default Rules: कार लोन की 1 या 2 EMI बाउंस होते ही बैंक आपकी गाड़ी नहीं उठा सकता। आरबीआई के नियमों के अनुसार, लगातार 90 दिनों तक किस्त न चुकाने पर लोन अकाउंट NPA होने और कानूनी नोटिस भेजने के बाद ही गाड़ी जब्त की जा सकती है।

आज के समय में अपनी पसंदीदा कार खरीदना काफी आसान हो गया है। अधिकांश लोग कार खरीदने के लिए बैंकों या गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) से कार लोन का विकल्प चुनते हैं। लेकिन कई बार नौकरी छूटने, बिजनेस में घाटा होने या किसी गंभीर मेडिकल इमरजेंसी के कारण समय पर लोन की मासिक किस्त (EMI) चुकाना मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति में कार मालिकों के मन में सबसे बड़ा डर यह बैठ जाता है कि क्या एक या दो किस्तें मिस होते ही बैंक के रिकवरी एजेंट उनके घर या ऑफिस आकर उनकी चमचमाती गाड़ी को जबरन उठाकर ले जाएंगे? अगर आपके मन में भी यह डर है, तो आपको घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के अनुसार, बैंक इतनी आसानी से और तुरंत आपकी गाड़ी को ज़ब्त नहीं कर सकते हैं। इसके लिए एक पूरी कानूनी प्रक्रिया और समय सीमा तय होती है।

Car Loan EMI

EMI मिस होने पर क्या होता है?

जब आपकी पहली या दूसरी किस्त मिस होती है, तो बैंक आपको 'डिफॉल्टर' नहीं मानता, बल्कि इसे केवल एक अस्थाई चूक (Delay) के रूप में देखा जाता है। इस दौरान बैंक आपको एसएमएस (SMS), ईमेल या फोन कॉल के जरिए याद दिलाता है कि आपकी किस्त बकाया है और आपको इसे लेट पेमेंट पेनाल्टी (Late Payment Penalty) के साथ चुकाना होगा। कानूनी तौर पर, बैंक आपकी गाड़ी को तब तक हाथ भी नहीं लगा सकता जब तक कि आपका लोन अकाउंट आधिकारिक तौर पर NPA (Non-Performing Asset) यानी गैर-निष्पादित संपत्ति घोषित न हो जाए। आरबीआई के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, जब कोई ग्राहक लगातार 90 दिनों तक यानी पूरे 3 महीनों तक एक भी किस्त नहीं चुकाता है, तभी उसके लोन अकाउंट को एनपीए की श्रेणी में डाला जाता है।

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