जब चलेगा बाजार, तो सबसे तेज दौड़ेंगे Midcap-Smallcap शेयर, अटकल नहीं, 20 साल का डेटा दे रहा गवाही

शेयर बाजार के निवेशकों को अक्सर बताया जाता है कि मिड और स्मॉलकैप शेयर सेफ नहीं होते। लेकिन, डेटा बताता है कि बाजार में जब ग्रोथ आती है, तो मिडकैप और स्मॉलकैप में सबसे ज्यादा तेजी आती है।

Smallcap and Midcap Vs Largecap : जब भी शेयर मार्केट में गिरावट आती है, तो सबसे पहले Midcap और Smallcap शेयर बिकवाली के निशाने पर आते हैं। क्योंकि, इन्हें अक्सर महंगा, हाई-रिस्क और लो-लिक्विड वाला माना जाता है। लेकिन, पिछले 20 सालों का डेटा रिटर्न की ऐसी कहानी सुनाता है, जो तमाम निवेशकों की धारणा बदल सकता है। इस डेटा से पता चलता है कि जब भी भारतीय मार्केट में Bullrun यानी तेजी का दौर आता है, तो मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स ही निवेशकों की पूंजी को सबसे ज्यादा बढ़ाते हैं। वहीं, लार्जकैप (Largecap) स्टॉक्स ने बुरे समय में सिर्फ नुकसान कम करने का काम किया है।

Smallcap and Midcap Vs Largecap

तेजी में बाजार से आगे भागते हैं ये शेयर

हाल ही में, एडलवाइस एसेट मैनेजमेंट के प्रेसिडेंट निरंजन अवस्थी ने इस ट्रेंड को आंकड़ों के जरिये साबित करते हुए बताया कि अगर आपको भारत की इकॉनमी पर भरोसा है, तो मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स से दूर रहना लंबे समय में आपके रिटर्न को नुकसान पहुंचा सकता है। 2006 से 2025 तक के कैलेंडर ईयर रिटर्न पर नज़र डालने से साफ पता चलता है कि अच्छे मार्केट में मिड-कैप और स्मॉल-कैप स्टॉक्स ने लगातार लार्ज-कैप स्टॉक्स से बेहतर परफॉर्म किया है।

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