सैलून से रोल्स-रॉयस तक! मिलिए देश के सबसे अमीर नाई रमेश बाबू से, जिनकी मेहनत और विजन की दुनिया है दीवानी

सैलून में काम करने वाले रमेश बाबू ने कभी अखबार और दूध बेचा था। उन्होंने 1993 में एक मारुति ओमनी से कार रेंटल बिजनेस शुरू किया। आज वे 400+ लग्जरी कारों और 1,200 करोड़ रुपये की 'रमेश टूर्स एंड ट्रैवल्स' के मालिक हैं।

जीवन में सफलता की ऊंचाइयों को छूने के लिए किसी बड़े पारिवारिक बैकग्राउंड या अकूत संपत्ति की नहीं, बल्कि अटूट हौसले, कड़ी मेहनत और अलग हटकर देखने वाले विजन की जरूरत होती है; और इस बात को पूरी दुनिया के सामने सच साबित कर दिखाया है बेंगलुरु के मशहूर 'बिलियनेयर बार्बर' रमेश बाबू ने। कभी दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष करने और अपनी पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए अखबार व दूध बेचने वाले रमेश बाबू आज एक या दो नहीं, बल्कि 400 से अधिक लग्जरी और विंटेज कारों के बेड़े के मालिक हैं, जिसमें रोल्स-रॉयस (Rolls-Royce Ghost), मर्सिडीज-मेबैक (Mercedes-Maybach), बीएमडब्ल्यू, ऑडी और जगुआर जैसी दुनिया की सबसे महंगी और आलीशान गाड़ियां शामिल हैं।

Richest Salon Barber

सबसे अमीर नाई रमेश बाबू

जीरो से हीरो बनने की कहानी

उनकी यह जादुई और प्रेरणादायक यात्रा 'जीरो से हीरो' बनने की एक ऐसी बेमिसाल दास्तान है, जो यह सिखाती है कि यदि आप अपने पारंपरिक काम को पूरे सम्मान और लगन के साथ करते हुए सही समय पर सही बिजनेस फैसले लेते हैं, तो आपकी किस्मत बदलते देर नहीं लगती। आज उनका लग्जरी कार रेंटल बिजनेस यानी 'रमेश टूर्स एंड ट्रैवल्स' न केवल भारत में बल्कि दुनिया भर के कॉर्पोरेट दिग्गजों, बॉलीवुड सितारों और विदेशी मेहमानों की पहली पसंद बन चुका है, जिसने उन्हें अरबों का साम्राज्य और वैश्विक पहचान दिलाई है।

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