कमोडिटी बाजार में 19 फरवरी की शुरुआत सेक्टर-विशिष्ट मजबूती के साथ हुई। घरेलू वायदा बाजार MCX पर एनर्जी सेगमेंट ने बढ़त की अगुवाई की, जबकि गोल्ड-सिल्वर सीमित दायरे में कारोबार करते दिखे। बेस मेटल्स में भी हल्की हलचल रही, लेकिन बड़ी चाल देखने को नहीं मिली। कुल मिलाकर बाजार में फिलहाल संतुलित और सतर्क रुख नजर आ रहा है।
एमसीएक्स पर कैसा बुलियन और बेस मेटल्स का कारोबार
एनर्जी सेगमेंट में जोरदार मूव
सुबह के कारोबार में नेचुरल गैस करीब 2% से ज्यादा उछलकर 269 रुपये के आसपास पहुंच गई और दिन की टॉप गेनर रही। इसके साथ ही क्रूड ऑयल में भी करीब 0.7% की मजबूती दर्ज की गई और कीमतें 5950 रुपये के ऊपर कारोबार करती दिखीं। MCX iCOMDEX एनर्जी इंडेक्स में भी लगभग 1% की तेजी दर्ज हुई, जिससे संकेत मिलता है कि फिलहाल बाजार की कमान एनर्जी पैक के हाथ में है। वैश्विक संकेतों और सप्लाई से जुड़े कारकों ने इस सेगमेंट को सहारा दिया है।
बुलियन में ठहराव, सीमित उतार-चढ़ाव
बुलियन सेगमेंट में गोल्ड और सिल्वर दोनों सीमित दायरे में कारोबार करते नजर आए। गोल्ड अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट हल्की गिरावट के साथ 1.55 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास बना रहा, जबकि सिल्वर में भी मामूली कमजोरी रही। टॉप लूजर्स की सूची में गोल्ड और उससे जुड़े छोटे कॉन्ट्रैक्ट शामिल रहे, जो दर्शाता है कि फिलहाल निवेशक आक्रामक पोजिशन लेने से बच रहे हैं। सुरक्षित निवेश की मांग स्थिर है, लेकिन नई खरीदारी का उत्साह सीमित दिख रहा है।
बेस मेटल्स में मिला-जुला रुख
कॉपर, निकेल और एल्यूमिनियम में हल्की बढ़त दर्ज की गई, जबकि जिंक और लेड में मामूली गिरावट रही। MCX बेस मेटल इंडेक्स लगभग सपाट बना रहा। इससे संकेत मिलता है कि इंडस्ट्रियल डिमांड को लेकर बाजार फिलहाल स्पष्ट दिशा में नहीं है और ट्रेडर्स छोटे दायरे में कारोबार कर रहे हैं। चीन की मांग और वैश्विक आर्थिक संकेत आगे की चाल तय करेंगे।
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स्पॉट मार्केट से मिले संतुलित संकेत
स्पॉट बाजार में सोना करीब 1.51 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी लगभग 2.37 लाख रुपये प्रति किलो के आसपास रही। कॉपर और जिंक में हल्की नरमी दिखी, जबकि निकेल दबाव में रहा। स्पॉट और फ्यूचर्स कीमतों के बीच बड़ा अंतर नहीं दिखा, जो बताता है कि बाजार फिलहाल संतुलन की स्थिति में है।
आगे की दिशा पर नजर
कुल मिलाकर कमोडिटी बाजार में फिलहाल व्यापक रैली या बड़ी गिरावट के संकेत नहीं हैं। एनर्जी सेगमेंट मजबूती दिखा रहा है, जबकि बुलियन और बेस मेटल्स सीमित दायरे में हैं। आगे की दिशा डॉलर इंडेक्स, वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम और अंतरराष्ट्रीय मांग संकेतों से तय होगी। फिलहाल बाजार में सतर्कता और सेक्टर-आधारित ट्रेडिंग रणनीति हावी है।
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