मार्केट गिरने पर SIP बंद करना सही या गलत? समझें गणित

शेयर बाजार में गिरावट SIP निवेशकों के लिए मौका बन सकती है। गिरते बाजार में ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं, जिससे लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न और ज्यादा धन बनने की संभावना बढ़ती है।

शेयर बाजार में गिरावट या बड़ा क्रैश अक्सर निवेशकों के लिए चिंता की वजह बन जाता है। ऐसे समय में लोगों के निवेश की वैल्यू कम हो जाती है और कई बार रिटर्न भी निगेटिव दिखने लगते हैं। लेकिन अगर आप SIP (सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) के जरिए निवेश कर रहे हैं, तो बाजार में गिरावट हमेशा बुरी खबर नहीं होती। एक्सपर्ट्स का मानना है कि गिरता बाजार SIP (Systematic Investment Plan) निवेशकों के लिए एक बड़ा मौका भी बन सकता है।

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क्या मार्केट क्रैश होने पर SIP इन्वेस्टर्स को घबराना चाहिए?

SIP निवेशकों के लिए क्यों फायदेमंद हो सकता है बाजार का क्रैश?

SIP की खासियत यह है कि इसमें हर महीने एक तय रकम निवेश की जाती है। जब बाजार ऊपर होता है, तो उसी रकम में कम यूनिट्स मिलती हैं। लेकिन जब बाजार गिरता है, तो उसी रकम में ज्यादा यूनिट्स खरीदी जा सकती हैं। यही प्रक्रिया ‘रुपी कॉस्ट एवरेजिंग’ कहलाती है। उदाहरण के लिए, अगर किसी म्यूचुअल फंड का NAV 100 रुपये है और आप 10,000 रुपये की SIP करते हैं, तो आपको 100 यूनिट्स मिलेंगी। लेकिन अगर बाजार गिरने के कारण NAV 80 रुपये हो जाए, तो उसी 10,000 रुपये में आपको 125 यूनिट्स मिलेंगी। यानी गिरावट के समय आप ज्यादा यूनिट्स जमा कर पाते हैं।

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