Makhana cultivation Subsidy: सेहत का खजाना के तौर पर मशहूर मखाना की अधिकांश खेती बिहार का मिथिलांचल और सीमांचल इलाके में ही होती है। देश के कुल उत्पादन का 90 प्रतिशत उत्पादन इन्हीं इलाकों में होता है। इसकी बढ़ती डिमांड को देखते हुए बिहार सरकार ने इसको बढ़ावा देने का फैसला किया। नीतीश सरकार ने राज्य बागवानी मिशन के तहत इसकी खेती के लिए सब्सिडी दे रही है। किसानों से इसके लिए आवेदन मंगाए गए हैं। इसकी खेती के लिए प्रति हेक्टेयर 97000 रुपए तय की गई है। इसमे से किसानों को 72750 रुपए सब्सिडी मिलेगी। यानी कुल राशि का 75 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। इससे पुर्णियां, कटिहार, मधेपुरा, सहरसा, सुपौल, खगड़िया, दरभंगा, अररिया, किशनगंज और मधुबनी के किसानों को फायदा होगा। मखाना किसानों को बीज बांटने के लिए भी सब्सिडी दी जाएगी। बीज की कीमत प्रति हेक्टेयर 5400 रुपए तय की गई है जिसके लिए 75 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी। 10 जिलों के किसानों को इसका लाभ मिलेगा।
मखाना की खेती लिए बिहार सरकार दे रही है सब्सिडी (तस्वीर-commons.wikimedia)
मखाना की खेती: सब्सिडी के लिए ऐसे करें आवेदन
- सबसे पहले बिहार सरकार के कृषि विभाग के उद्यान निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट https://horticulture.bihar.gov.in पर जाएं।
- वेबसाइट के होम पेज पर बिहार सरकार की योजनाएं दिखाई देंगी।
- मखाना विकास योजना पर आवेदन करें विकल्प पर क्लिक करें।
- आवेदन करें विकल्प पर क्लिक करते ही नया पेज खुलेगा।
- इस पेज पर कुछ नियम और शर्तें होंगे, उसे ध्यान से पढ़ें।
- उसके बाद इच्छा हो तो Agree विकल्प पर क्लिक करें।
- क्लिक करते ही आवेदन फॉर्म ओपन हो जाएगा
- आवेदन फॉर्म को ध्यानपूर्वक भरें।
- सभी जानकारी भरने के बाद मांगे गए दस्तावेजों को अपलोड करें।
- अंत में सबमिट के ऑप्शन पर क्लिक करें, इसके साथ ही आवेदन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
- आवेदन करने के लिए आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र अपलोड करना होगा।
- आवेदन के लिए भूमि से संबंधित दस्तावेज, बैंक खाता पासबुक जैसे दस्तावेजों के अलावा मोबाइल नंबर और पासपोर्ट साइज फोटो की जरुरत होगी।
- आवेदक का बैंक अकाउंट आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए।
- विशेष जानकारी के लिए किसान संबंधित जिले के उद्यान सहायक निदेशक से संपर्क कर सकते हैं।
