Make In India अभियान को सेमीकंडक्टर सेक्टर में बड़ी सफलता मिली है। शेयर बाजार में बीते एक साल में करीब 600 फीसदी की तेज उछाल दिखा चुकी कंपनी The Indian Link Chain Manufacturers Limited की टेक्नोलॉजी आर्म RRP Electronics ने भारत का पहला स्वदेशी फिंगरप्रिंट सेंसर मॉड्यूल लॉन्च कर दिया है। इस सेंसर को Samved नाम दिया गया है और इसे भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के लिए एक टर्निंग प्वाइंट माना जा रहा है। कंपनी ने इसकी जानकारी एक एक्सचेंज फाइलिंग में दी है।
बड़ी कामयाबी (इमेज क्रेडिट, ओपन एआई)
शेयर रैली के पीछे अब दिखी असली वजह
अब तक बाजार में RRP Electronics से जुड़े शेयरों में आई जबरदस्त तेजी को लेकर सवाल उठते रहे हैं। लेकिन Samved फिंगरप्रिंट सेंसर के लॉन्च के साथ यह साफ हो गया है कि इस रैली के पीछे सिर्फ सट्टा नहीं, बल्कि हाई-एंड टेक्नोलॉजी, इंडिजिनस IP और सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन में एंट्री की ठोस कहानी है। कंपनी पारंपरिक बिजनेस से निकलकर एडवांस इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग की ओर शिफ्ट हो चुकी है। इसी वजह से शेयर में पिछले एक साल में 600 फीसदी की रैली देखने को मिली है।
Made in India नहीं, पूरी तरह Indian IP
Samved फिंगरप्रिंट सेंसर को लेकर सबसे अहम बात यह है कि यह सिर्फ भारत में असेंबल किया गया प्रोडक्ट नहीं है। कंपनी ने इस फिंगरप्रिंट सेंसर मॉड्यूल से जुड़ी पूरी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी, कोर टेक्नोलॉजी और पेटेंट अधिकार अपने पास रखे हैं। यानी यह सेंसर Designed, Engineered, Packaged और Tested पूरी तरह भारत में किया गया है। यह भारत की सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा स्ट्रक्चरल बदलाव माना जा रहा है।
Edge-AI टेक्नोलॉजी
Samved फिंगरप्रिंट मॉड्यूल Edge-AI इंटेलिजेंस से लैस है। इसमें फिंगरप्रिंट सेंसिंग, एनालिसिस और ऑथेंटिकेशन का फैसला सीधे मॉड्यूल के अंदर होता है। बायोमेट्रिक डेटा को न तो क्लाउड पर भेजा जाता है और न ही किसी बाहरी सिस्टम पर निर्भरता रहती है। इससे डेटा प्राइवेसी मजबूत होती है और नेटवर्क पर निर्भरता खत्म होने से ऑथेंटिकेशन लगभग तुरंत हो जाता है। यही वजह है कि यह टेक्नोलॉजी डिजिटल आइडेंटिटी, ई-गवर्नेंस, IoT, एज डिवाइसेज, स्मार्ट लॉक और डिजिटल डोर्स जैसे सेगमेंट्स के लिए खास मानी जा रही है।
सरकारी से लेकर एंटरप्राइज यूज तक
कंपनी ने Samved सीरीज में दो फिंगरप्रिंट सेंसर मॉड्यूल पेश किए हैं। RRP14105 में बड़ा सेंसिंग एरिया और बेहतर इमेजिंग दी गई है, जिसे हाई-सिक्योरिटी सिस्टम, सरकारी और एंटरप्राइज एप्लिकेशंस के लिए डिजाइन किया गया है। वहीं RRP18125 कॉम्पैक्ट साइज वाला मॉड्यूल है, जो स्पेस-कंस्ट्रेंड और स्लिम डिवाइसेज के लिए तैयार किया गया है।
पूरी सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन की तैयारी
कंपनी के फाउंडर और चेयरमैन राजेंद्र चोडनकर के मुताबिक, RRP Electronics ने रिकॉर्ड समय में अपनी OSAT फैसिलिटी स्थापित की और अप्रैल 2025 से चिप प्रोडक्शन शुरू कर दिया। इसके बाद कंपनी ने सीधे प्रोडक्ट डेवलपमेंट की दिशा में कदम बढ़ाया। अगला लक्ष्य वेफर-लेवल पैकेजिंग तक पहुंचना है, जिससे कंपनी सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन में और ऊपर जा सके।
ताइवान पार्टनरशिप, लेकिन कंट्रोल भारत में
मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी सपोर्ट के लिए कंपनी ने ताइवान की Horng.com के साथ पार्टनरशिप की है, लेकिन बैकएंड प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और टेस्टिंग पूरी तरह भारत में की जा रही है। इसके अलावा कंपनी SIM कार्ड, Mastercard और Visa कार्ड सेगमेंट में भी एंट्री की तैयारी कर रही है, जिससे इसका सेमीकंडक्टर पोर्टफोलियो और मजबूत होगा।
तेजी से बढ़ता मार्केट, डिफेंस एंगल भी मजबूत
भारतीय फिंगरप्रिंट स्कैनर मार्केट तेजी से बढ़ रहा है। डिजिटल पेमेंट, UPI, Digi Yatra, फाइनेंशियल सर्विसेज और सिक्योरिटी जरूरतों के चलते आने वाले वर्षों में इस सेगमेंट में डबल-डिजिट ग्रोथ की उम्मीद है। Samved फिंगरप्रिंट सेंसर को डिफेंस और हाई-सिक्योरिटी एप्लिकेशंस को ध्यान में रखकर भी डिजाइन किया गया है, जिससे इसका स्ट्रैटेजिक महत्व और बढ़ जाता है।
नाम बदलेगा, पहचान बदलेगी
सबसे बड़ा संकेत यह है कि The Indian Link Chain Manufacturers Limited ने अपना नाम बदलकर RRP Electronics India Limited करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह बदलाव साफ करता है कि कंपनी अब पूरी तरह पारंपरिक पहचान से बाहर निकलकर सेमीकंडक्टर और एडवांस इलेक्ट्रॉनिक्स प्ले बनने की दिशा में आगे बढ़ चुकी है।
