12 लाख तक की आय पर Zero Tax का भ्रम पड़ेगा भारी, म्यूचुअल फंड बेचकर कमाया मुनाफा तो देना होगा टैक्स!

अगर आपकी इनकम 12 लाख या उससे कम है और आप म्यूचुअल फंड से कमाई करते हैं तो ये खबर आपके काम की साबित हो सकती है। टैक्सेबल इनकम न होने के बावजूद भी आपको टैक्स देना पड़ेगा आइए जानते हैं क्यों?

अगर आप भी इस भ्रम में हैं कि आपकी इनकम तो टैक्सेबल स्लैब से कम है तो ये खबर आपके काम की साबित हो सकती है। दरअसल, टैक्सेबल इनकम होने के बावजूद भी अगर आपने एक फाइनेंशियल ईयर में म्यूचुअल बेचा है या उससे कमाई की है तो ये खबर आपके काम की साबित हो सकती है। आयकर नियमों (Income Tax Rules) को लेकर आमतौर पर वेतनभोगियों और छोटे निवेशकों के बीच यह धारणा बनी रहती है कि अगर उनकी कुल वार्षिक आय नई कर व्यवस्था (New Tax Regime) या पुरानी कर व्यवस्था के तहत कर-मुक्त सीमा (टैक्स रिबेट लिमिट) के भीतर है, तो उन्हें किसी भी तरह का टैक्स नहीं देना पड़ेगा।

LTCG and STCG

म्यूचुअल फंड बेचकर कमाया मुनाफा तो देना होगा टैक्स!

हालिया बजट संशोधनों के बाद ₹12 लाख तक की आय पर रिबेट और स्टैंडर्ड डिडक्शन के जरिए टैक्स शून्य होने की चर्चा काफी लोकप्रिय हुई है। लेकिन कई निवेशक यह भूल जाते हैं कि सामान्य आय (Ordinary Income) और पूंजीगत लाभ (Capital Gains) पर आयकर कानून के नियम पूरी तरह से अलग काम करते हैं। अगर आपने किसी वित्तीय वर्ष के दौरान अपने म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) यूनिट्स या इक्विटी शेयर्स बेचे हैं और उन पर मुनाफा कमाया है, तो आपकी कुल सैलरी आय भले ही टैक्स स्लैब से नीचे हो, फिर भी आपको इस मुनाफे पर अलग से कैपिटल गेंस टैक्स का भुगतान करना पड़ सकता है।

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