तेल कंपनियों को पेट्रोल पर ₹14, डीजल पर ₹18 का हो रहा नुकसान, बंगाल चुनाव आज खत्म, क्या कल बदल जाएंगे रेट?

आज बंगाल विधानसभा का चुनाव खत्म हो रहा है। इस बीच फिर से पेट्रोल और डीजल के दाम में बढ़ोतरी के कयास लगाए जा रहे हैं।

ईरान संकट और कच्चे तेल की कीमत में तेजी से पेट्रोलियम कंपनियों को पेट्रोल एवं डीजल की बिक्री पर क्रमशः 14 रुपये एवं 18 रुपये प्रति लीटर का नुकसान उठाना पड़ रहा है। हालांकि, इसके बावजूद कंपनियों ने इसका बोझ आम लोगों पर नहीं डाला है। ईरान युद्ध और होर्मुज बंद होने के बाद से दुनियाभर के कई देशों में ईंधन की कीमत बढ़ी है लेकिन भारत में नहीं बढ़ी है। अब आज बंगाल विधानसभा चुनाव खत्म हो रहा है तो एक बार फिर कयास लगाए जा रहे हैं कि कल से पेट्रोल और डीजल के दाम में बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि सरकार की तेल की कीमत बढ़ाने की कोई योजना नहीं है।

Petrol Price Hike

पेट्रोल डीजल कीमत (AI Image)

रेटिंग एजेंसी इक्रा ने क्या कहा?

रेटिंग एजेंसी इक्रा के अनुसार, तेल विपणन कंपनियों को पेट्रोल एवं डीजल की बिक्री पर क्रमशः 14 रुपये एवं 18 रुपये प्रति लीटर का नुकसान उठाना पड़ रहा है। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि अगर कच्चे तेल की कीमत 120-125 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर बनी रहती है, तो पेट्रोलियम कंपनियों का विपणन मार्जिन आगे भी नकारात्मक बना रहेगा, जिससे कंपनियों की मुनाफा प्रभावित हो रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, पेट्रोल-डीजल के अलावा रसोई गैस (एलपीजी) पर भी भारी ’अंडर-रिकवरी’ यानी नुकसान होने की आशंका है, जो वित्त वर्ष 2026-27 में करीब 80,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है।

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