आजकल पर्सनल लोन लेना बहुत आसान हो गया है। बैंक और फाइनेंस कंपनियां कस्टमर्स को तुरंत लोन देने का वादा करते हुए आकर्षक ऑफर देती हैं। खासकर सैलरी पाने वाले लोगों को अक्सर प्री-अप्रूव्ड पर्सनल लोन ऑफर मिलते हैं। कुछ मामलों में, मोबाइल ऐप या इंटरनेट बैंकिंग का इस्तेमाल करके कुछ ही मिनटों में उनके अकाउंट में पैसे ट्रांसफर हो जाते हैं। हालांकि, यह सुविधा जितनी आसान लग सकती है, उतनी ही इसके साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी आती है, क्योंकि पर्सनल लोन पर आमतौर पर सबसे ज्यादा ब्याज दरें होती हैं। हालांकि, कुछ बातों का ख्याल रखकर आप कम ब्याज और जीरो प्रोसेसिंग फीस पर लोन ले सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे।
पर्सनल लोन टिप्स
पर्सनल लोन क्या है?
पर्सनल लोन एक अनसिक्योर्ड लोन होता है, जिसका मतलब है कि आपको कोई कोलैटरल या गिरवी रखने की जरूरत नहीं होती है। इससे बैंक के लिए ज्यादा रिस्क होता है, और इसीलिए इसका इंटरेस्ट रेट होम लोन या कार लोन जैसे दूसरे लोन के मुकाबले ज़्यादा होता है। बैंक आपकी इनकम, जॉब स्टेबिलिटी और क्रेडिट स्कोर के आधार पर इंटरेस्ट रेट तय करते हैं।
पर्सनल लोन कब लें
अगर कोई मेडिकल इमरजेंसी आती है और आपके पास तुरंत पैसे नहीं हैं, तो पर्सनल लोन मददगार साबित हो सकता है। इसी तरह, यह ऑप्शन घर की ज़रूरी मरम्मत, जैसे छत से पानी टपकना या स्ट्रक्चरल दिक्कतों के लिए भी काम आ सकता है। इसके अलावा, अगर आपको किसी अर्जेंट प्रोजेक्ट के लिए तुरंत पैसे चाहिए और आप रेगुलर EMI दे सकते हैं, तो पर्सनल लोन एक अच्छा ऑप्शन है। हालांकि, ऐसे मामलों में, कम इंटरेस्ट रेट वाला लोन चुनना सबसे अच्छा होता है।
लंबे समय के लिए लोन चुनने का असर
अगर आप लंबे समय के लिए पर्सनल लोन लेते हैं, तो आपकी महीने की EMI कम हो सकती है, जिससे आपके महीने के बजट पर दबाव कम हो जाएगा। हालांकि, लंबे समय के लोन से कुल इंटरेस्ट पेमेंट काफी बढ़ जाता है। इसलिए, आपको हमेशा कुल रीपेमेंट अमाउंट के आधार पर टर्म चुनना चाहिए।
पर्सनल लोन कब न लें
अगर खर्च जरूरी नहीं है और सिर्फ़ लाइफस्टाइल या इच्छाओं से जुड़ा है, तो आपको पर्सनल लोन लेने से बचना चाहिए। बहुत से लोग गैजेट खरीदने, घूमने या शॉपिंग करने के लिए पर्सनल लोन लेते हैं, जिससे लंबे समय में फाइनेंशियल प्रेशर बढ़ सकता है। इसके अलावा, पर्सनल लोन में प्रोसेसिंग फीस, डॉक्यूमेंटेशन चार्ज और प्रीपेमेंट पेनल्टी लगती है, जिससे लोन की कॉस्ट और बढ़ जाती है। अगर आपका क्रेडिट स्कोर कम है तो इंटरेस्ट रेट काफी ज्यादा हो सकते हैं।
कम ब्याज और जीरो प्रोसेसिंग फीस कब?
बैंक से जुड़े लोगों का कहना है कि अगर आप महीने की आखिरी कुछ दिन यानी 28 से 30 तारीख के बीच लोन के लिए अप्लाई करते हैं तो कम ब्याज और जीरो प्रोसेसिंग फीस पर लोन पा सकते हैं। बैंक अपना टारगेट पूरा करने के लिए कस्टरम को यह रियायत देते हैं।
इन बातों का ध्यान रखें
लोन लेने से पहले, इंटरेस्ट रेट, टोटल रीपेमेंट, प्रोसेसिंग फीस और दूसरी शर्तों को ध्यान से देखना जरूरी है। साथ ही, भविष्य में पैसे की तंगी से बचने के लिए अपनी EMI कैपेसिटी का भी अंदाजा लगा लें।
