क्या पुराने Loan पर टॉप-अप लेना है फायदे का सौदा? या नया लोन लेना होगा समझदारी

पैसों की अचानक जरूरत आ पड़े और सेविंग भी न हो तो दो ही विकल्प नजर आते हैं- पहला नया लोन और दूसरा पहले से चल रहे लोन पर टॉप-अप। लेकिन सवाल ये कि दोनों में कौन-सा विकल्प बेहतर होगा?

पैसों की अचानक जरूरत आ पड़े और कोई सेविंग भी न हो तो पर्सनल लोन ही एक सहारा बन जाता है। लेकिन सवाल ये कि अगर पहले से काई पर्सनल लोन चल रहा हो और दोबारा पैसों का जरूरत आ बनी हो तो ऐसे में क्या करना चाहिए। ऐसी स्थिति में किसी भी व्यक्ति के पास आमतौर पर दो ही विकल्प होंगे पहला पहले से चल रहे लोन पर टॉप अप (Loan Top-Up) लेना और दूसरा, एक नया पर्सनल लोन लेना। ऐसे में कौन-सा विकल्प ज्यादा बेहतर, सस्ता और फायदेमंद साबित होगा? आपके इसी सवाल का जवाब इस आर्टिकल में देने जा रहे हैं-

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लोन टॉप-अप या नया लोन कौन-सा विकल्प ज्यादा बेहतर (Photo: iStock)

क्या होता है लोन टॉप-अप?

लोन टॉप-अप या नया लोन कौन-सा विकल्प ज्यादा बेहतर (Photo: iStock)

सबसे पहले तो यही समझें कि लोन टॉप-अप क्या होता है। लोन टॉप-अप का मतलब है कि आप अपने मौजूदा ऋणदाता से ही अतिरिक्त राशि उधार लेते हैं। बैंक या वित्तीय संस्था के पास पहले से आपकी आय, क्रेडिट हिस्ट्री और भुगतान रिकॉर्ड की जानकारी होती है, इसलिए टॉप-अप लोन की मंजूरी आसान और तेज होती है। कई मामलों में ग्राहक को कम डॉक्यूमेंट्स जमा करने पड़ते हैं और रकम भी जल्दी मिल जाती है।

नया पर्सनल लोन कैसे अलग है?

वहीं, नया पर्सनल लोन पूरी तरह एक अलग ऋण होता है। इसके लिए ग्राहक को फिर से आवेदन करना पड़ता है, डॉक्यूमेंट्स जमा करने होते हैं और पात्रता जांच की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। हालांकि इसका फायदा यह है कि ग्राहक अलग-अलग बैंकों और एनबीएफसी की ब्याज दरों की तुलना कर सकता है और बेहतर ऑफर चुन सकता है।

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