LIC ने किया कमाल, इस मामले में बनी नंबर-1 कंपनी, निवेशकों की लगी लॉटरी

एलआईसी के प्रबंधन के तहत परिसंपत्तियां (AUM) 31 मार्च, 2026 तक बढ़कर 57,29,396 करोड़ रुपये हो गईं, जो एक साल पहले 54,52,297 करोड़ रुपये थीं। यह सालाना आधार पर पांच प्रतिशत की वृद्धि है।

भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने इतिहास रच दिया है। एलआईसी, मार्च तिमाही में वित्तीय क्षेत्र की सबसे अधिक मुनाफा कमाने वाली कंपनी बनकर उभरी है। तिमाही के दौरान कंपनी का शुद्ध लाभ 23,420 करोड़ रुपये से अधिक रहा है। केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (सीपीएसई) में भी वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में एलआईसी ने लाभ के मामले में पहला स्थान बरकरार रखा। एलआईसी का मार्च, 2026 को समाप्त तिमाही में शुद्ध लाभ 23 प्रतिशत बढ़कर 23,420 करोड़ रुपये रहा है, जो एक साल पहले की समान अवधि में 19,013 करोड़ रुपये था। कंपनी ने पिछले सप्ताह अपने तिमाही नतीजों की घोषणा की थी।

LIC

भारतीय जीवन बीमा निगम

SBI को भी पीछे छोड़ा

शेयर बाजारों के पास उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, चौथी तिमाही में देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का लाभ 19,684 करोड़ रुपये और निजी क्षेत्र के एचडीएफसी बैंक का लाभ 19,221 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान वार्षिक लाभ के मामले में एसबीआई ने एलआईसी को पीछे छोड़ दिया। एसबीआई का सालाना शुद्ध लाभ 80,032 करोड़ रुपये रहा, जबकि एलआईसी का लाभ 57,419 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। एलआईसी के शानदार नतीजों के एक दिन बाद 23 मई को बीएसई में उसका शेयर शुरुआती कारोबार में लगभग पांच प्रतिशत चढ़कर 839 रुपये पर पहुंच गया। वर्ष के दौरान कंपनी की कुल प्रीमियम आय में 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई। वहीं, समायोजित नेटवर्थ बढ़कर 1,69,605 करोड़ रुपये हो गया, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 1,20,258 करोड़ रुपये थी। इसी तरह, एचडीएफसी बैंक का वार्षिक लाभ 74,670 करोड़ रुपये और आईसीआईसीआई बैंक का लाभ 50,147 करोड़ रुपये रहा है।

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