AI Bubble Crashed : क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर का सुनहरा दौर खत्म होने लगा है? यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि पिछले एक महीने में दुनिया के सबसे तेज दौड़ रहे शेयर बाजारों में शामिल दक्षिण कोरिया का KOSPI इंडेक्स 32% तक टूट चुका है। उधर अमेरिका में भी AI की रेस के बड़े खिलाड़ी Micron, Sandisk और कई सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयर 30% से 45% तक गिर चुके हैं।
कॉस्पी में गिरावट
AI कंपनियों में अचानक आई इस बिकवाली ने निवेशकों के बीच यह बहस तेज कर दी है कि कहीं AI Bubble फूट तो नहीं गया। हालांकि, बाजार के कई जानकार इसे Bubble के बजाय Valuation Correction मान रहे हैं। यानी AI की कहानी खत्म नहीं हुई है, लेकिन अब निवेशक सिर्फ बड़े-बड़े दावों पर नहीं बल्कि असली कमाई और मुनाफे पर पैसा लगाने को तैयार हैं।
AI Stocks में अचानक क्यों मची भगदड़?
पूरे साल AI से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में रिकॉर्ड तेजी देखने को मिली। Microsoft, Nvidia, Meta, Samsung और SK Hynix जैसी कंपनियों में निवेशकों ने अरबों डॉलर झोंक दिए। उम्मीद थी कि AI आने वाले वर्षों में कंपनियों की कमाई कई गुना बढ़ा देगा।
लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में तस्वीर बदल गई।
बाजार को अब चिंता सताने लगी है कि AI पर कंपनियां जितना खर्च कर रही हैं, क्या उससे उतनी कमाई भी होगी? AI Data Centers, Graphics Chips और Cloud Infrastructure पर अरबों डॉलर का निवेश हो रहा है, लेकिन उसका रिटर्न अभी पूरी तरह दिखाई नहीं दे रहा। इसी डर ने AI शेयरों में तेज बिकवाली शुरू करा दी।
KOSPI क्यों सबसे ज्यादा टूटा?
दक्षिण कोरिया का KOSPI इस साल दुनिया का सबसे शानदार प्रदर्शन करने वाला प्रमुख शेयर बाजार था। इसकी सबसे बड़ी वजह थीं Samsung Electronics और SK Hynix जैसी मेमोरी चिप कंपनियां। इन दोनों कंपनियों का KOSPI में करीब आधा वेटेज है। इसलिए जैसे ही AI सेक्टर को लेकर निवेशकों की धारणा बदली, पूरे इंडेक्स में भारी गिरावट आ गई। हालात ऐसे हैं कि रिकॉर्ड हाई से KOSPI अब करीब 26% नीचे आ चुका है और जून के उच्च स्तर से लगभग 32% तक टूट चुका है, जिससे यह Bear Market में पहुंच गया है।
शानदार नतीजों के बाद भी SK Hynix क्यों गिरा?
दिलचस्प बात यह है कि SK Hynix ने तिमाही मुनाफे में छह गुना से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की। इसके बावजूद कंपनी का शेयर करीब 9% टूट गया। कारण साफ है। बाजार को अच्छे नतीजे नहीं बल्कि उम्मीद से बेहतर नतीजे चाहिए थे। AI शेयरों की Valuation इतनी ऊंची पहुंच चुकी थी कि मामूली निराशा पर भी निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। यानी अब बाजार सिर्फ Growth नहीं, बल्कि Perfect Growth चाहता है।
अमेरिका में भी AI शेयरों की चमक फीकी
सिर्फ कोरिया ही नहीं, अमेरिका में भी AI से जुड़े शेयर दबाव में हैं। Micron Technology अपने उच्च स्तर से करीब 31% टूट चुका है।
Sandisk लगभग 47% नीचे आ चुका है। Nvidia समेत कई AI शेयरों में भी तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। अब निवेशकों की नजर Microsoft और Meta के नतीजों पर है। अगर इन कंपनियों ने AI कारोबार से मजबूत कमाई नहीं दिखाई तो बिकवाली और तेज हो सकती है।
तेल और Fed ने भी बढ़ाई टेंशन
AI सेक्टर की चिंता के बीच पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने बाजार की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। ईरान से जुड़े घटनाक्रम के बाद Brent Crude 3% से ज्यादा उछल गया। महंगे तेल का मतलब है महंगाई बढ़ने का खतरा। इसी बीच अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक भी हो रही है। बाजार में यह आशंका बनी हुई है कि अगर महंगाई का दबाव बढ़ा तो फेड ब्याज दरें ऊंची बनाए रख सकता है या फिर सख्त रुख अपना सकता है। ऊंची ब्याज दरें आमतौर पर हाई-वैल्यूएशन टेक कंपनियों के लिए नकारात्मक मानी जाती हैं।
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