Knight Frank Report on Housing Sector: मिड सेगमेंट के घरों और प्रीमियम अपार्टमेंटों की मांग में तेजी का असर उनकी बिक्री पर दिख रहा है।2022 की पहली छमाही से 2023 में इनकी मांग में 3-5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। नाइट फ्रैंक रिपोर्ट के अनुसार मिड सेगमेंट के घरों की खरीदारी 35 से बढ़कर 38 फीसदी हो गई है। और प्रीमियम अपार्टमेंट घरों की बिक्री 25 से बढ़कर 30 फीसदी हो गईहै। यह तेजी साल 2018 के बाद से प्रीमियम और मिड सेगमेंट के आवासों की बिक्री के आधार पर जारी किए गए हैं। मिड लग्जरी और अफोर्डेबल घरों की बिक्री में बढ़ोतरी की प्रमुख वजह कोविड-19 महामारी के बाद लोगों की इनकम में आई गिरावट रही थी। लेकिन जिस तरह मिड सेगमेंट और प्रीमियम आवासीय इकाइयों की मांग फिर से बढ़ी है, उससे साफ है कि कोविड के बाद रियल एस्टेट सेक्टर में फिर से गतिविधियां शुरू हुई है।
रियल एस्टेट में रिवाइवल के संकेत
वापस लौट रहे हैं घर खरीददार
नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट से निकले ट्रेंड पर गंगा रियल्टी के ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर विकास गर्ग ने बताया कि मिड-सेगमेंट रीयलटर्स ने राहत की सांस ली है क्योंकि रिपोर्ट के आंकड़ों से पता चलता है कि महामारी के बाद मिड-सेगमेंट और प्रीमियम अपार्टमेंट की मांग में सुधार हुआ है। इस साल घरों की बढ़ती बिक्री यह दर्शाती है कि मिड सेगमेंट और प्रीमियम यूनिट्स के खरीदार कुछ लंबे समय तक दूर रहने के बाद रियल एस्टेट में निवेश करने के लिए वापस आ गए हैं। वहीं मैक्रो-इकोनॉमिक माहौल के बावजूद लग्जरी हाउसिंग में तेजी जारी रही, मिड सेगमेंट की बिक्री धीमी हो गई क्योंकि उनके खरीदारों की वित्तीय-आत्मनिर्भरता प्रभावित हुई। हालांकि, मिड सेगमेंट और प्रीमियम श्रेणियों की बिक्री से पता चला है कि लग्जरी हाउसिंग के अलावा अन्य रेसिडेंशियल प्रारूपों ने भी धीरे-धीरे और लगातार गति प्राप्त की है और निवेश के उचित समय को भी दर्शाता है।
आगे भी डिमांड की उम्मीद
त्रेहान ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर सारांश त्रेहान ने कहा कि, पिछले दो वर्षों में मिड सेगमेंट और प्रीमियम हाउसिंग डेवलपर्स द्वारा बिक्री मे सकारात्मक वृद्धि और मांग दिखाई है।महामारी के कारण रियल्टी मार्केट स्थिर जरूर हुई, जिसमें होम लोन की ब्याज दरों में तेज वृद्धि और प्रॉपर्टी की आसमान छूती कीमतों के कारण खरीददार पहले मिड सेगमेंट के घरों में निवेश करने से दूर हो गए थे। फिर भी खरीददारों की भारी आमद के साथ रियल्टी मार्केट में उछाल लौट आया है, जो एक सकारात्मक ट्रेंड है और वर्तमान माहौल में मध्यम आय समूहों की आर्थिक शक्ति और वित्तीय उर्वरता के मजबूत होने के साथ तेजी से बढ़ने की उम्मीद है, जो रियल एस्टेट के बारे में सोचते हैं।
