Jio Platforms IPO Listing: रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल इकाई Jio Platforms के IPO में जिन निवेशकों को शेयर अलॉट हुए हैं, उनके सामने अब बड़ा सवाल है। 28 अक्टूबर को लिस्टिंग के बाद मुनाफा बुक कर लें या लंबी अवधि में मोटी कमाई की उम्मीद के साथ शेयर होल्ड करें?
जियो के शेयरों का हुआ अलॉटमेंट
IPO में इश्यू किए गए शेयर का अपर प्राइस बैंड ₹1,119 रुपये रहा है। इसके हिसाब से कंपनी का अनुमानित मार्केट कैप करीब ₹10.3 लाख करोड़ बैठता है। FY2026 के आधार पर कंपनी का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेशियो 34.3 गुना और एंटरप्राइज वैल्यू-टू-EBITDA रेशियो 14.8 गुना है।
इस वैल्यूएशन पर निवेशकों को यह देखना होगा कि आने वाले वर्षों में कंपनी अपनी कमाई कितनी तेजी से बढ़ाती है। अगर रेवेन्यू और मुनाफे में अच्छी बढ़ोतरी होती है, तो मौजूदा वैल्यूएशन को समर्थन मिल सकता है। इसके विपरीत, ग्रोथ उम्मीद से कमजोर रहने पर शेयर पर दबाव बन सकता है।
क्या है ब्रोकरेज की राय?
बाजार विशेषज्ञों की राय लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सकारात्मक है। उनका मानना है कि कंपनी का मजबूत ग्राहक आधार, टेक्नोलॉजी और डिजिटल कारोबार में विस्तार की संभावनाएं भविष्य में कमाई बढ़ाने में मदद कर सकती हैं। हालांकि, शेयर का वैल्यूएशन और कारोबारी जोखिम भी नजरअंदाज नहीं किए जा सकते।
ज्यादातर ब्रोकरेज के मुताबिक Jio Platforms की डिजिटल इकोसिस्टम में मजबूत स्थिति, मुनाफा कमाने की क्षमता और टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म इसे लंबी अवधि के लिए आकर्षक बनाते हैं।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), एंटरप्राइज डिजिटल सर्विसेज और फिक्स्ड ब्रॉडबैंड कारोबार में विस्तार कंपनी के लिए नए अवसर पैदा कर सकता है। ऐसे में लंबी अवधि के लिए शेयर होल्ड किया जा सकता है।
भविष्य में कमाई बढ़ने की उम्मीद
कंपनी की अपनी टेक्नोलॉजी और 7,220 पेटेंट एप्लिकेशन उसके कारोबार को मजबूती देते हैं। FY2026 में कंपनी का EBITDA मार्जिन 51.91% और नेट लेवरेज 0.36 गुना रहा।
भविष्य में टेलीकॉम टैरिफ में बढ़ोतरी, प्रति ग्राहक डेटा इस्तेमाल में वृद्धि और JioFiber तथा JioAirFiber के विस्तार से कमाई बढ़ने की उम्मीद है। ओझा ने कंपनी की लंबी अवधि की संपत्ति निर्माण क्षमता को देखते हुए 'बाय एंड होल्ड' रणनीति का समर्थन किया है।
53.33 करोड़ AI और ब्रॉडबैंड से ग्रोथ
Jio Platforms की सबसे बड़ी ताकत उसका विशाल ग्राहक आधार है। कंपनी के पास 53.33 करोड़ ग्राहक हैं और वायरलेस ब्रॉडबैंड बाजार में उसकी हिस्सेदारी करीब 49.8% है। मजबूत ब्रांड, व्यापक नेटवर्क और अपनी टेक्नोलॉजी कंपनी को प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले बढ़त देते हैं।
इन जोखिमों को भी समझें निवेशक
Jio Platforms के सामने टेलीकॉम रेगुलेशन, स्पेक्ट्रम पर भारी खर्च, साइबर सिक्योरिटी और तकनीकी बदलाव जैसी चुनौतियां हैं। AI तथा एंटरप्राइज डिजिटल सर्विसेज में अवसर तभी वास्तविक वैल्यू बढ़ाएंगे, जब कंपनी उनसे टिकाऊ कमाई पैदा कर सकेगी।
Jio के शेयर मिले हैं तो क्या करें?
अगर निवेश का उद्देश्य लिस्टिंग गेन कमाना था, तो 28 अक्टूबर को वास्तविक लिस्टिंग प्राइस, ट्रेडिंग वॉल्यूम और बाजार की प्रतिक्रिया देखकर मुनाफा बुक करने पर विचार किया जा सकता है। वहीं, लंबी अवधि के निवेशकों को कंपनी के रेवेन्यू, ARPU, मुनाफे, कैश फ्लो और वैल्यूएशन पर नजर रखनी चाहिए।
कैसे चेक करें शेयर मिले या नहीं?
अगर आपने भी आईपीओ में शेयरों के लिए आवेदन किया है और आपको अभी तक पता नहीं चल पा रहा है कि शेयर मिले या नहीं, तो आप अपने ब्रोकरेज एप, NSE-BSE और मर्चेंट बैंक पर इश्यू मैनेजर की वेबसाइट पर भी चेक कर सकते हैं।
डिस्क्लेमर: TIMES NOW नवभारत किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ या कमोडिटी में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।
