Jio Platforms IPO : मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली टेलीकॉम कंपनी Jio Platforms इस महीने भारतीय शेयर बाजार में लिस्ट हो सकती है। कंपनी लंबे समय से IPO लाने की लाने की तैयारी में जुटी है। मार्केट एक्सपर्ट मान रहे हैं कि कंनी करीब ₹37,700 करोड़ बाजार से जुटाएगी। इस तरह Jio Platforms IPO देश का सबसे बड़ा इश्यू बन जाएगा। अब तक यह खिताब ₹27,858.75 करोड़ के IPO के साथ Hyundai Motor India के नाम है।
इस महीने लिस्ट होगा देश का सबसे बड़े इश्यू
कब दाखिल होगा RHP?
रिपोर्ट्स के मुताबिक Jio Platforms 15 या 16 अक्टूबर को अपना रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाखिल कर सकती है। एंकर इन्वेस्टर्स के लिए इश्यू 19 अक्टूबर को खुलने की संभावना है, जबकि आम निवेशकों के लिए IPO 21 से 23 अक्टूबर तक आ सकता है। शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर के आसपास होने की उम्मीद है।
क्या होगा Jio का वैल्यूएशन?
बाजार अनुमानों के मुताबिक कंपनी का वैल्न्यूएशन ₹13 लाख करोड़ से ₹15 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है। यानी IPO सिर्फ रिलायंस ग्रुप के के लिए नहीं, बल्कि पूरे भारतीय शेयर बाजार के लिए बड़ा इवेंट बनने जा रहा है, क्योंकि इस वैल्यूएशन के साथ कंपनी लिस्टिंग के साथ ही देश की 5 सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल हो जाएगीी।
कितना हो सकता है प्राइस बैंड?
Jio Platforms का शुरुआती वैल्यूएशन ₹13 से 15 लाख करोड़ से ज्यादा रहने का अनुमान है। ऐसे में शेयर का संभावित प्राइस बैंड ₹1,300 से ₹1,450 के बीच हो सकता है। यह वैल्यूएशन 2020 के मुकाबले करीब 3 गुना होगा, जब Google, Meta और कई बड़े ग्लोबल इन्वेस्टर्स ने Jio में निवेश किया था।
कितनी होगी शेयर की फेस वैल्यू?
Jio Platforms IPO में करीब 27 करोड़ फ्रेश शेयर जारी कर सकती है। इन शेयरों की फेस वैल्यू ₹10 होगी। हालांकि, अंतिम इश्यू साइज अभी आधिकारिक तौर पर सामने नहीं है। लेकिन मार्केट अनुमान इसे करीब ₹37,700 करोड़ का मान रहे हैं। अगर यह आंकड़ा सही रहा, तो Jio IPO भारत का सबसे बड़ा IPO बन जाएगा।
पूरा IPO फ्रेश इश्यू होगा?
अभी तक की जानकारी के मुताबिक हैरान करने वाली सबसे बड़ी बात यही है कि कंपनी का IPO में पूरी तरह फ्रेश शेयरों पर आधारित होगा। यानी कोई भी मौजूदा निवेशक ऑफर फॉर सेल यानी OFS के जरिये इश्यू में शेयर नहीं बेचेगा। ऐसे में पूरी रकम कंपनी के पास जाएगी। इसका बड़ा फायदा यह होगा कि IPO से मिली रकम का इस्तेमाल Jio की बैलेंस शीट को मजबूत करेगी।
कहां जाएगी IPO की रकम?
IPO से मिलने वाली रकम में से करीब ₹27,500 करोड़ Reliance Jio Infocomm यानी RJIL के बकाया को चुकाने के लिए की जाएगी। बाकी पैसा सामान्य कॉरपोरेट कामकाज के लिए होगा। Jio Platforms में रिलायंस इंडस्ट्रीज और प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी 66.43% है। चूंकि, IPO पूरी तरह फ्रेश इश्यू है, इसलिए लिस्टिंग के बाद भी रिलायंस का Jio पर कंट्रोल बना रहेगा।
IPO में किसे कितना Quota मिलेगा?
Jio Platforms IPO में अलोकेशन स्ट्रक्चर बेहद दिलचस्प है। 50% हिस्सा QIB यानी क्वालिफाइड इस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व रह सकता है। वहीं 35% हिस्सा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए और 15% हिस्सा NII यानी नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के लिए रखा जाएगा। इससे रिटेल इन्वेस्टर्स को भी रिलायंस के टेलीकॉम और डिजिटल बिजनेस में सीधे हिस्सेदारी लेने का मौका मिलेगा।
Google और Meta बड़े हिस्सेदार
Jio का सबसे बड़ा वैल्यूएशन स्टोरी एंगल 2020 के निवेश से जुड़ा है। उस समय Google, Meta और कई बड़े प्राइवेट इक्विटी इन्वेस्टर्स ने Jio Platforms में निवेश किया था। इन इन्वेस्टर्स ने करीब ₹4.62 लाख करोड़ से ₹5.16 लाख करोड़ के वैल्यूएशन पर निवेश किया। अब अगर Jio का वैल्यूएशन ₹13-15 लाख करोड़ तक पहुंचता है, तो शुरुआती निवेशकों को उनके निवेश पर 3 गुना तक रिटर्न मिल सकता है।
Jio की बैलेंस शीट हुई मजबूत
Jio ने पिछले कुछ वर्षों में वित्तीय स्थिति में बड़ा सुधार किया है। Jio Platforms का नेट लेवरेज रेश्यो FY24 में 0.88 गुना था, जो FY25 में घटकर 0.71 गुना और FY26 में सिर्फ 0.36 गुना रह गया। कंपनी के लिए यह अहम है, क्योंकि कम लेवरेज का मतलब भविष्य में विस्तार और नए प्रोजेक्ट के लिए कैपिटल जुटाने की ज्यादा क्षमता देगाा।
5G, AI और क्लाउड पर बड़ा फोकस
Jio की ग्रोथ स्टोरी सिर्फ टेलीकॉम तक सीमित नहीं है। कंपनी 5G नेटवर्क, फिक्स्ड ब्रॉडबैंड, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड सर्विस, एंटरप्राइज डिजिटल सोल्यूशन और इंटरनेशनल टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप पर लगातार निवेश करने की तैयारी में है। FY26 के अंत तक Jio का सब्सक्राइबर बेस बढ़कर 52.44 करोड़ हो गया, जो एक साल पहले 48.82 करोड़ था। इस तरह जियो आईपीओ की कहानी सिर्फ एक टेलीकॉम कंपनी की नहीं है। बल्कि, पूरे डिजिटल इकोसिस्टम से जुड़ी है।
रेवेन्यू और प्रॉफिट दोनों में मजबूती
Jio Platforms के वित्तीय आंकड़े भी कंपनी की ताकत को दिखाते हैं। FY26 में कंपनी का ऑपरेशन से आने वाला रेवेन्यू ₹1.47 लाख करोड़ रहा, जो FY25 में ₹1.28 लाख करोड़ और FY24 में ₹1.10 लाख करोड़ था। इसी तरह प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) FY26 में बढ़कर ₹30,049 करोड़ हो गया। FY25 में यह ₹26,109 करोड़ और FY24 में ₹21,423 करोड़ था। कंपनी ने FY26 में ₹76,255 करोड़ EBITDA कमाया और EBITDA मार्जिन 51.9% रहा।
