LPG और नेचुरल गैस की कमी का तोड़! Jindal Steel ने ढूंढ निकाला नया रास्ता, अब 'सिंथेसिस गैस' से होगा स्टील उत्पादन

जिंदल स्टील ने इस्पात उद्योग में पहली तरह का खास प्रयोग किया है। कंपनी ने भट्टियों में ’सिंथेसिस गैस’ (सिंगैस) का इस्तेमाल शुरू किया है।

जिंदल स्टील (Jindal Steel) ने प्राकृतिक गैस, एलपीजी (LPG) और प्रोपेन की कमी से निपटने के लिए ’गैल्वनाइजिंग’ एवं ’कलर कोटिंग’ लाइन की भट्टियों में ’सिंथेसिस गैस’ (सिंगैस) का इस्तेमाल शुरू किया है। इससे सप्लाई में व्यवधान के बीच भी कंपनी को संचालन जारी रखने में मदद मिली है। ’सिंगैस’ या ’सिंथेसिस गैस’ स्वच्छ रूप से जलने वाला ईंधन है, जो अपशिष्ट एवं जैविक पदार्थों को उपयोगी ऊर्जा में बदलने का माध्यम प्रदान करता है।

Jindal Steel

LPG और नेचुरल गैस की कमी का तोड़! Jindal Steel ने ढूंढ निकाला नया रास्ता (Photo: iStock)

ईंधन की कमी दूर करने में मिली मदद

पीटीआई (भाषा) की एक रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी को कोयले के गैसीकरण से तैयार ’सिंगैस’ के इस्तेमाल से इन महत्वपूर्ण अंतिम प्रसंस्करण प्रक्रियाओं में ईंधन की कमी को दूर करने में मदद मिली है। इन प्रक्रियाओं में उच्च तापमान वाली भट्टियां आवश्यक होती हैं, जिनका इस्तेमाल निर्माण, उपकरण तथा वाहन क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाली इस्पात पट्टियों (स्ट्रिप) पर जस्ता एवं रंग की परत चढ़ाने के लिए किया जाता है।

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