ITR Filing Deadline: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने की डेडलाइन नजदीक आ चुकी है। असेसमेंट ईयर 2025-26 के लिए टैक्सपेयर्स के पास अब 10 दिन से भी कम समय बचा है। अगर आपने अभी तक अपना रिटर्न फाइल नहीं किया है, तो तुरंत यह काम पूरा कर लें, वरना आपको भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
सरकार पहले ही टैक्सपेयर्स को 1.5 महीने का अतिरिक्त समय दे चुकी है ताकि तकनीकी दिक्कतों या ITR फॉर्म में देरी से प्रभावित लोग बिना जुर्माना दिए फाइल कर सकें। लेकिन अब तक डेडलाइन को आगे बढ़ाने की कोई नई घोषणा नहीं हुई है।
डेडलाइन मिस हुई तो क्या होगा?
अगर आप 15 सितंबर के बाद ITR फाइल करते हैं, तो वह “लेट फाइलिंग” मानी जाएगी और Section 234F के तहत जुर्माना और ब्याज लगेगा। जिनकी टैक्सेबल इनकम 5 लाख रुपये तक है, उन्हें अधिकतम ₹1,000 का जुर्माना भरना होगा। वहीं, 5 लाख रुपये से ज्यादा आय वाले टैक्सपेयर्स को ₹5,000 का जुर्माना देना पड़ेगा। खास बात यह है कि यह पेनल्टी तब भी लगेगी, जब आपके ऊपर कोई अतिरिक्त टैक्स बकाया न हो।
सिर्फ इतना ही नहीं, किसी भी बकाया टैक्स पर 1% प्रति माह ब्याज भी देना होगा। यह ब्याज सिर्फ उस टैक्स अमाउंट पर लगेगा जो समय पर जमा नहीं किया गया। चाहे आप रिटर्न फाइल करते वक्त टैक्स चुका भी दें, फिर भी ब्याज देना अनिवार्य होगा।
कब है डेडलाइन?
ITR फाइल करने की आखिरी तारीख 15 सितंबर 2025 है। पहले यह डेडलाइन 31 जुलाई थी, जिसे बढ़ाकर टैक्सपेयर्स की सुविधा के लिए आगे किया गया। इनकम टैक्स विभाग की वेबसाइट के मुताबिक, सभी सैलरी वाले लोग, पेंशनर्स और अन्य पात्र टैक्सपेयर्स को इस तारीख तक अपना ITR भरना जरूरी है।
किन्हें जरूर फाइल करना होगा ITR?
- वे टैक्सपेयर्स जिनकी आय बेसिक छूट सीमा से ऊपर है (जैसे सैलरी वाले और प्रोफेशनल, जिनकी सालाना आय 50 लाख रुपये तक है और जिनका ऑडिट जरूरी नहीं है)।
- ऐसे लोग जिन्होंने ₹2 लाख या उससे ज्यादा विदेश यात्रा पर खर्च किया है, या ₹1 लाख से ज्यादा बिजली बिल भरा है।
- जिनके करंट अकाउंट में ₹1 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा जमा है।
- जिनकी प्रोफेशनल आय ₹10 लाख रुपये से अधिक है।
- जिनका TDS या TCS ₹25,000 रुपये से ज्यादा है (वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹50,000 रुपये से ऊपर)।
- वे रेजिडेंट टैक्सपेयर्स जिनके पास विदेशी संपत्ति है या जो किसी विदेशी संपत्ति के लाभार्थी हैं।
इन सभी को 15 सितंबर तक ITR भरना अनिवार्य है। चूक होने पर Section 234F के तहत जुर्माना और ब्याज दोनों लगेंगे।
