ITR Filing 2026 : इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की आखिरी तारीख (ITR Deadline 2026) आ गई है। नौकरीपेशा टैक्सपेयर्स के लिए वित्त वर्ष 2025-26 (FY 2025-26) का ITR जमा करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 है। ऐसे में अगर आपने अभी तक अपना रिटर्न फाइल नहीं किया है तो जल्द से जल्द यह काम पूरा कर लें। समय पर ITR फाइल करने से न सिर्फ लेट फीस से बचा जा सकता है, बल्कि रिफंड मिलने की प्रक्रिया भी जल्दी शुरू हो जाती है। व्यापार या प्रोफेशन से जुड़े टैक्सपेयर्स के लिए रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा अलग है। बिना ऑडिट वाले मामलों में 31 अगस्त 2026 और ऑडिट वाले मामलों में 31 अक्टूबर 2026 तक ITR दाखिल किया जा सकता है।
इनकम टैक्स रिटर्न भरने के आसान स्टेप्स
ITR भरने से पहले इन दस्तावेजों को रखें तैयार
ITR फाइल करने से पहले सभी जरूरी दस्तावेजों को एक जगह जमा कर लेना चाहिए। इनमें फॉर्म 16, फॉर्म 26AS, Annual Information Statement (AIS), बैंक स्टेटमेंट, निवेश से जुड़े दस्तावेज और टैक्स बचत के प्रमाण शामिल हैं। इसके अलावा यह भी जांच लें कि आपका PAN कार्ड और आधार कार्ड लिंक है या नहीं। इनकम टैक्स पोर्टल पर रिटर्न फाइल करने के लिए PAN और Aadhaar लिंक होना जरूरी है। टैक्सपेयर्स को यह भी तय करना चाहिए कि वह नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) या पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) में से किसके तहत रिटर्न दाखिल करेंगे। दोनों व्यवस्थाओं में टैक्स छूट और कटौती के नियम अलग-अलग हैं, इसलिए पहले दोनों की गणना करके बेहतर विकल्प चुनना फायदेमंद रहेगा।
सही ITR फॉर्म चुनना बेहद जरूरी
इनकम टैक्स विभाग ने अलग-अलग तरह की आय के लिए अलग-अलग ITR फॉर्म जारी किए हैं। नौकरीपेशा लोगों के लिए आमतौर पर ITR-1 इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन सही फॉर्म का चुनाव आपकी आय के स्रोत पर निर्भर करता है। अगर आपकी आय सैलरी, बिजनेस, फ्रीलांस काम, शेयर बाजार, किराये या अन्य स्रोतों से आती है तो उसी के अनुसार ITR फॉर्म चुनना चाहिए। गलत फॉर्म भरने पर बाद में टैक्स विभाग की तरफ से नोटिस आ सकता है। आगे जानिए आसानी से ऑनलाइन आईटीआर कैसे फाइल कर सकते हैं।
ITR फाइल करने के 15 आसान स्टेप्स
- 1. सबसे पहले इनकम टैक्स की वेबसाइट पर PAN नंबर से लॉगिन करें।
- 2. “File your return for the year ended 31-Mar-2026” विकल्प पर क्लिक करें और फाइलिंग शुरू करें।
- 3. Assessment Year 2026-27 का चुनाव करें, जो वित्त वर्ष 2025-26 की आय से संबंधित है।
- 4. ऑनलाइन माध्यम से ITR भरने का विकल्प चुनें।
- 5. अपनी कैटेगरी चुनें जैसे Individual, HUF या अन्य।
- 6. अपनी आय के अनुसार सही ITR फॉर्म चुनें।
- 7. अपनी व्यक्तिगत जानकारी, बैंक डिटेल और टैक्स व्यवस्था की जानकारी जांचें।
- 8. पोर्टल पर पहले से भरी गई आय की जानकारी को ध्यान से जांचें। फॉर्म 16 और AIS में दर्ज आंकड़ों का अपने रिकॉर्ड से मिलान करें।
- 9. TDS, एडवांस टैक्स और अन्य भुगतान की जानकारी को वेरीफाई करें।
- 10. टैक्स समरी को ध्यान से देखें और किसी गलती को सुधारें।
- 11. रिटर्न का पूरा प्रीव्यू देखने के बाद ही सबमिट करें।
- 12. डिक्लेरेशन स्वीकार करके ITR को वैलिडेट करें।
- 13. पोर्टल पर दिखाई देने वाली किसी भी गलती को पहले ठीक करें।
- 14. अगर कोई टैक्स बाकी है तो उसे जमा करने के बाद रिटर्न फाइल करना बेहतर है।
- 15. ITR सबमिट करने के बाद 30 दिनों के अंदर ई-वेरिफिकेशन जरूर पूरा करें। आधार OTP के जरिए ई-वेरिफिकेशन करना सबसे आसान तरीका है।
प्री-फिल्ड ITR पर आंख बंद करके भरोसा न करें
इनकम टैक्स पोर्टल अब फॉर्म 16, AIS, बैंक रिकॉर्ड और अन्य स्रोतों से काफी जानकारी पहले से भर देता है। हालांकि इसकी जिम्मेदारी टैक्सपेयर की ही होती है कि वह सभी जानकारियों को सही तरीके से जांचे। अगर कोई आय छूट गई है या कोई गलत जानकारी दर्ज है तो उसे खुद सुधारना जरूरी है। खासतौर पर निवेश, ब्याज आय, कैपिटल गेन और टैक्स छूट से जुड़ी जानकारी को ध्यान से जांचना चाहिए।
31 जुलाई के बाद ITR भरने पर क्या होगा?
अगर कोई टैक्सपेयर 31 जुलाई 2026 तक ITR दाखिल नहीं करता है तो वह बाद में बिलेटेड रिटर्न (Belated Return) भर सकता है। हालांकि इसके लिए कुछ नुकसान उठाने पड़ सकते हैं। देरी से ITR फाइल करने पर अधिकतम 5,000 रुपये तक लेट फीस लग सकती है। जिनकी कुल आय 5 लाख रुपये तक है, उनके लिए यह फीस अधिकतम 1,000 रुपये होगी। इसके अलावा देरी से टैक्स भुगतान पर हर महीने 1% की दर से ब्याज भी देना पड़ सकता है। देर से रिटर्न भरने पर कुछ नुकसान को आगे ले जाने की सुविधा भी खत्म हो सकती है।
रिफंड के लिए समय पर ITR फाइल करना जरूरी
समय पर ITR दाखिल करने से टैक्स रिफंड जल्दी मिलने की संभावना बढ़ जाती है। वहीं देरी से फाइल किए गए रिटर्न में प्रोसेसिंग में ज्यादा समय लग सकता है। इसलिए टैक्सपेयर्स को आखिरी तारीख का इंतजार नहीं करना चाहिए और सभी दस्तावेजों की जांच के बाद जल्द से जल्द अपना ITR फाइल कर देना चाहिए।
