Income Tax On Competition And Lottery Winnings: वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने का समय आ गया है और इसकी आखिरी तारीख तिथि 31 जुलाई 2024 है। जबकि कई लोग अपने इनकम टैक्स बचाने का तरीके ढूंढ रहे हैं तो कई टैक्सपेयर्स अपनी टैक्स देनदारी की गणना करने में बिजी है। जब आप इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करते हैं तो यह जरूरी है कि आप सभी सोर्स से इनकम को जोड़ते हैं। चाहे वह निवेश, म्यूचुअल फंड रिटर्न, बचत खाता रिटर्न आदि से आय ही क्यों न हो। अगर आपने किसी प्रतियोगिता या लॉटरी से नकद पुरस्कार जीता हो, वह इनकम भी इनकम टैक्स के दायरे में आता है।
प्रतियोगिता और लॉटरी से इनकम पर भी लगता है टैक्स (तस्वीर-Canva)
प्रतियोगिता से नकद पुरस्कार, लॉटरी जीत पर इनकम टैक्स
अगर आपने कभी सोचा है कि प्रतियोगिता से कोई व्यक्ति इतनी बड़ा नकद पुरस्कार जीता हो या लॉटरी जीता हो वह कितना भाग्यशाली है, उसके पास पैसा ही पैसा हो गया है। लेकिन ध्यान दें इससे जीती हुई पूरी रकम आप अपने घर नहीं ले जा सकते है। उस राशि में से टैक्स चुकाने के बाद बची रकम आपकी होगी। भारत में गेम शो, रियलिटी और लॉटरी विजेताओं की किसी भी जीत की रकम पर टैक्स लगता है, जिसे स्रोत पर टैक्स कटौती (TDS) कहा जाता है। ऐसी जीत पर बिना किसी बुनियादी छूट सीमा के 30 प्रतिशत की समान दर से टैक्स देना पड़ता है। ऐसे मामले में पुरस्कार राशि पर स्रोत पर टैक्स (टीडीएस) काट लिया जाता है और केवल शेष राशि का भुगतान किया जाता है।
2001 में बदला गया एक्ट
गौर हो कि टैक्स योग्य 'अन्य स्रोतों से आय' को इनकम टैक्स एक्ट 1961 के सेक्शन 56(2)(IB) के तहत परिभाषित किया गया है। वर्ष 2000 में एक लोकप्रिय गेम शो कौन बनेगा करोड़पति (केबीसी) शुरू होने के बाद टीवी और इलेक्ट्रॉनिक (ऑनलाइन) गेमिंग प्रारूपों को कवर करने के लिए टैक्स से संबंधित खेलों की परिभाषा को 2001 के फाइनेंस एक्ट द्वारा बदल दिया गया था।
ये इनकम 30 प्रतिशत TDS के दायरे में
ये लिस्टेड स्रोतों से कोई भी जीत इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 194B के तहत 30 प्रतिशत टीडीएस के अधीन है। लकी ड्रा और लॉटरी, वर्ग पहेली, रेसिंग, टीवी प्रतियोगिता शो, इलेक्ट्रॉनिक गेम शो, ताश खेलना, सट्टा लगाना और जुआ खेलना। ये सब 30 प्रतिशत टैक्स के दायरे में आते हैं।
