इनकम टैक्स छूट सीमा से नीचे है आपकी आय? फिर भी फाइल करना पड़ सकता है ITR, जानें क्यों

आयकर रिटर्न (ITR) सिर्फ टैक्स भरने का जरिया नहीं है, बल्कि यह आपकी आर्थिक पहचान और जिम्मेदारी का भी सबूत है। भले ही आपकी इनकम टैक्स छूट सीमा से कम हो, फिर भी ITR भरने से कई फायदे मिलते हैं। सबसे बड़ा फायदा यह है कि ITR आपके इनकम का प्रूफ बनता है। जब आप होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन लेने जाते हैं, तो बैंक और फाइनेंशियल इंस्टिट्यूशन ITR को देखकर आपकी इनकम की स्थिरता जांचते हैं।

अक्सर लोग मानते हैं कि अगर उनकी सालाना आय टैक्स फ्री लिमिट से कम है, तो उन्हें ITR (Income Tax Return) फाइल करने की जरूरत नहीं है। यह सही भी है, लेकिन कुछ खास परिस्थितियों में आपकी आय टैक्स छूट सीमा से कम होने के बावजूद ITR भरना अनिवार्य हो जाता है। अगर ऐसा नहीं किया, तो आपको पेनाल्टी या फिर आयकर विभाग से नोटिस तक मिल सकता है।

ITR 2025

किसको भरना चाहिए ITR

सबसे पहली स्थिति तब बनती है जब आपने किसी बैंक के करंट अकाउंट में एक साल के भीतर 1 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा जमा किए हों। चाहे यह रकम कैश में हो या डिजिटल ट्रांजैक्शन से, ऐसे मामलों में ITR भरना जरूरी है। इसी तरह, अगर आपने सालभर में विदेश यात्रा पर 2 लाख रुपये या उससे ज्यादा खर्च किए हैं, तो भी ITR फाइल करना अनिवार्य हो जाता है। यह नियम पर्सनल और बिजनेस दोनों तरह की ट्रिप पर लागू होता है।

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