हाल ही में E20 पेट्रोल को लेकर देशभर में भारी विरोध हुआ था। E20 पेट्रोल में 20% इथेनॉल और 80% पेट्रोल है। इस पेट्रोल से पुरानी गाड़ियों का माइलेज घटने और इंजन खराब होने की शिकायत आई थी। उसके बाद यह चर्चा जोर पकड़ने लगी थी कि फिर E10 पेट्रोल की वापसी हो सकती है। अब भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने बृहस्पतिवार को स्पष्ट किया कि ई20 पेट्रोल को ई10 से बदलने पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। हालांकि, फिलहाल चर्चा पुराने वाहनों के लिए कम एथनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल का विकल्प उपलब्ध कराने और देशभर में इसकी आपूर्ति की व्यवस्था को लेकर है। इससे साफ संकेत हैं कि जल्द ही E10 पेट्रोल की वापसी हो सकती है।
E10 पेट्रोल
ई10 पेट्रोल लाने में कोई समस्या नहीं
बीपीसीएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक संजय खन्ना ने कंपनी की वार्षिक आम बैठक के बाद कहा कि अगर सरकार एथनॉल मिश्रण नीति में बदलाव करती है तो ई20 से ई10 पेट्रोल पर जाने में कंपनी को कोई परिचालन या आपूर्ति संबंधी बड़ी चुनौती नहीं होगी। उन्होंने कहा कि मैंने कभी नहीं कहा कि ई20 को ई10 से बदला जाएगा। उन्होंने कहा कि कुछ हलकों में यह चर्चा जरूर हो रही है कि पुराने वाहन के मालिकों को कम एथनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल का विकल्प दिया जाना चाहिए।
खन्ना ने कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि ई20 खत्म हो जाएगा और ई10 आ जाएगा।
अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ
उन्होंने कहा कि एथनॉल मिश्रण नीति में बदलाव को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि अगर ई10 पर वापस जाने का फैसला होता है तो पेट्रोलियम कंपनियों के लिए मौजूदा बुनियादी ढांचे में बदलाव करना बड़ी चुनौती नहीं होगी। हालांकि, ई20 की जगह ई10 लाने और ई20 के साथ ई10 को एक अतिरिक्त विकल्प के रूप में उपलब्ध कराने में अंतर है। देशभर में फैले बड़े ईंधन वितरण नेटवर्क के कारण एक अतिरिक्त ग्रेड के पेट्रोल की समानांतर आपूर्ति करना अधिक बड़ी लॉजिस्टिक चुनौती हो सकती है।
ई10 पेट्रोल लाने की मांग उठ रही
यह चर्चा ऐसे समय हो रही है जब पुराने वाहनों के लिए ई10 पेट्रोल उपलब्ध कराने की मांग उठ रही है। ई10 में 10 प्रतिशत एथनॉल और ई20 में 20 प्रतिशत एथनॉल होता है। भारत ने कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटाने, उत्सर्जन कम करने और घरेलू एथनॉल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए पेट्रोल में एथनॉल मिश्रण लगातार बढ़ाया है।
ई20 पेट्रोल को पिछले साल चरणबद्ध तरीके से पेश किया गया था और एक अप्रैल से देशभर के पेट्रोल पंप पर बिक्री के लिए यही एकमात्र पेट्रोल मिश्रण उपलब्ध है। कुछ उपभोक्ताओं और उद्योग से जुड़े लोगों ने दावा किया है कि ई20 के इस्तेमाल से पुराने वाहनों के प्रदर्शन पर असर पड़ता है और उनके कुछ कलपुर्जों को नुकसान हो सकता है। हालांकि, सरकार ने इन दावों को बार-बार खारिज किया है।
