Iran-Israel युद्ध से एनर्जी सेक्टर में उबाल! जानें Energy ETF और Mutual Fund में निवेश का बेस्ट तरीका

Energy ETF/ Mutual Fund: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान-इजरायल के बीच छिड़ी सीधी जंग ने ग्लोबल एनर्जी मार्केट में खलबली मचा दी है। कच्चे तेल की कीमतें 80 डॉलर प्रति बैरल को पार पहुंच गई है। एनर्जी विशेषज्ञों का मानना है कि यह जल्द ही 100 डॉलर के पार पहुंच सकती है।

अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान पर हमले के बाद पूरा मिडिल ईस्ट अस्थिर हो गया है। इसका सबसे बुरा असर कच्चे तेल की सप्लाई पर हुआ है। ब्रेंट क्रूड 80 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। इस बीच फिर से चर्चा शुरू कर दी है कि क्या इन्वेस्टर को ग्लोबल अनिश्चितता से बचने के लिए एनर्जी से जुड़े इन्वेस्टमेंट में अपना एक्सपोजर बढ़ाना चाहिए। मार्केट एक्सपर्ट का कहना है कि जियोपॉलिटिकल घटनाओं से क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल के दौरान एनर्जी ETF को फायदा हो सकता है, लेकिन वे टैक्टिकल मैक्रो एक्सपोजर दिखाते हैं। दूसरा तरीका एनर्जी-फोकस्ड म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट करना है। डेटा से पता चलता है कि एनर्जी स्कीम में एक साल का परफॉर्मेंस मजबूत रहा है।

Energy ETF

एनर्जी ईटीएफ

होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से संकट बढ़ा

ईरान-इजरायल युद्ध के बीच ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट बंद करने का ऐलान किया है। होर्मुज स्ट्रेट से सप्लाई में रुकावट के डर से कुछ ही दिनों में कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 80 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। आपको बता दें कि यह एक ऐसा रास्ता है जो दुनिया भर में तेल के फ्लो का 20 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा संभालता है। अभी भी अनिश्चितता की वजह से कीमतें ऊंची रह सकती हैं।

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