LPG संकट के बीच कतर पर हमला! क्या रास लफान पर अटैक से आसमान छुएंगे गैस के दाम?

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच कतर के सबसे महत्वपूर्ण गैस प्लांट रास लफान (Ras Laffan) पर हुए हमले ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। कतर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले इस प्लांट से हर साल 81 मिलियन मीट्रिक टन एलएनजी का उत्पादन होता है, जो दुनिया भर के किचन और उद्योगों को ऊर्जा देता है। ऐसे में इस हमले के बाद यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि क्या वैश्विक बाजार में गैस की किल्लत होने वाली है?

दुनिया पहले से ही ऊर्जा संकट और बढ़ती महंगाई से जूझ रही थी कि अब मिडिल ईस्ट से आई एक खबर ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में हड़कंप मचा दिया है। ईरान ने कतर के सबसे जरुरी गैस प्लांट 'रास लफान' (Ras Laffan) को निशाना बनाने की खबरों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को सदमे में डाल दिया है। रास लफान कोई साधारण गैस प्लांट नहीं है, बल्कि यह पूरी दुनिया की एलएनजी (LNG) सप्लाई की रीढ़ की हड्डी माना जाता है। इस प्लांट पर हमले का सीधा मतलब है कि आने वाले दिनों में न केवल उद्योगों के लिए गैस महंगी होगी, बल्कि आपके किचन में इस्तेमाल होने वाले एलपीजी (LPG) सिलेंडर और गाड़ियों की सीएनजी (CNG) की कीमतों में भी भारी उछाल आ सकता है।

LNG gas Prices

कतर की अर्थव्यवस्था

रास लफान की अहमियत को समझने के लिए इसके आकार और क्षमता को जानना जरूरी है। कतर दुनिया का सबसे बड़ा एलएनजी निर्यातक देश है और उसकी इस बादशाहत का केंद्र यही रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी है। दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस भंडार (North Field) स्थित है। इस प्लांट से निकलने वाली गैस यूरोप से लेकर एशिया तक के दर्जनों देशों की बिजली की जरूरतों और उद्योगों को चलाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इस प्लांट के प्रोडक्शन या एक्सपोर्ट में थोड़ी भी बाधा आती है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतें रातों-रात दोगुनी हो सकती हैं। कतर की पूरी अर्थव्यवस्था इसी एक प्लांट पर टिकी है, इसीलिए इसे 'कतर की जान' कहा जाता है।

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