IPO Market Slowdown: 2024 में IPO मार्केट में काफी तेजी देखने को मिली थी। मगर उसके बाद इस साल नई कंपनियों की लिस्टिंग में सुस्ती आई है। इसकी बड़ी वजह सेकंडरी मार्केट (इक्विटी मार्केट) में आई गिरावट को माना जा रहा है। इक्विटी मार्केट में आई गिरावट का असर नए IPO लॉन्च पर भी देखा जा रहा है। आईपीओ एक्टिविटी में यह मंदी संख्याओं में दिखती है, क्योंकि जनवरी में केवल पांच कंपनियां और फरवरी में चार कंपनियां लिस्ट हुईं, जबकि दिसंबर 2024 में 16 कंपनियां लिस्ट हुई थीं।
IPO मार्केट में आई सुस्ती
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लॉन्च होने वाले IPO को मिला सुस्त रेस्पॉन्स
क्वालिटी पावर इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट लिमिटेड का आईपीओ हाल ही में आया था, जो 14 फरवरी को तीन दिनों के लिए खुला था। आईपीओ मार्केट में धीमे रेस्पॉन्स का ट्रेंड स्पष्ट देखने को तब मिला, जब कम से कम तीन कंपनियों ने जनवरी और फरवरी में अपने ड्राफ्ट पेपर वापस लेकर आईपीओ की योजना वापस टाल दी।
इन कंपनियों में एडवांस्ड सिस्टम-टेक, एसएफसी एनवायरनमेंटल टेक्नोलॉजीज और विनी कॉर्पोरेशन शामिल हैं।
2024 रहा था बंपर वर्ष
साल 2024 आईपीओ मार्केट के लिए काफी शानदार रहा था। पिछले साल 91 कंपनियों ने लिस्टिंग के जरिए 1.6 लाख करोड़ रुपये जुटाए। इस तेजी के पीछे मजबूत रिटेल भागीदारी, लचीली अर्थव्यवस्था और तेजी से बढ़ते निजी कैपिटल एक्सपेंडिचर जैसे फैक्टर रहे।
इस साल जो आईपीओ अब तक आए हैं, उनमें अधिकतर एसएमई आईपीओ शामिल हैं। इनमें मेनबोर्ड के आईपीओ की संख्या बहुत कम है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स
जानकारों का मानना है कि आईपीओ मार्केट में आई ये मंदी मुख्य रूप से सेकंडरी मार्केट में गिरावट का नतीजा है, खासकर जनवरी और फरवरी में। इस गिरावट ने कई लिस्टेड कंपनियों के शेयर प्राइस को प्रभावित किया। नतीजे में निवेशकों ने नई लिस्टिंग की तलाश करने के बजाय अपने मौजूदा पोर्टफोलियो पर ध्यान देना शुरू कर दिया। वहीं कंपनियां भी IPO लाने से कतराने लगीं।
डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
