IOC Quarter 2 Result:सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल मार्केटिंग कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) ने मंगलवार को कहा कि चालू वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही में उसका शुद्ध लाभ 12,967.32 करोड़ रुपये रहा।आईओसी को इस तिमाही में ही अपने उच्चतम वार्षिक लाभ के आधे से थोड़ा अधिक लाभ हुआ है। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद पेट्रोल और डीजल के दाम में कमी नहीं किए जाने के कारण कंपनी को नुकसान की भरपाई करने में मदद मिली। और उसके प्रॉफिट में बढ़ोतरी रिफाइनिंग और मार्केटिंग मार्जिन बढ़ने की वजह से हुई है। इस बीच कंपनी ने 5 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड देने का ऐलान किया है। हालांकि पहली तिमाही की तुलना में कंपनी को घाटा हुआ है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी को 13750 करोड़ का प्रॉफिट हुआ था।
आईओसी रिजल्ट
पेट्रोल-डीजल सस्ता नहीं करने का फायदा
कंपनी ने शेयर बाजार को बताया कि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में उसने 272.35 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया था।कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद पेट्रोल और डीजल के दाम में कमी नहीं किए जाने के कारण कंपनी को नुकसान की भरपाई करने में मदद मिली।चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री से आईओसी की कर-पूर्व आय बढ़कर 17,755.95 करोड़ रुपये हो गई। यह आंकड़ा पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 104.04 करोड़ रुपये था।आईओसी की आय जुलाई-सितंबर में घटकर 2.02 लाख करोड़ रुपये रह गई, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 2.28 लाख करोड़ रुपये थी। आईओसी ने कहा कि उसने अप्रैल-सितंबर 2023 की छमाही में कच्चे तेल के प्रत्येक बैरल को ईंधन में बदलने पर 13.12 अमेरिकी डॉलर कमाए।
एक साल से नहीं घटे दाम
कंपनी जिस मार्जिन की बात कर रही है, असल में वह उसे पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी नहीं होने की वजह से मिला है। पिछले एक साल में कच्चे तेल की कीमतें प्रति बैरल 130 डॉलर को पार कर गई थी। अब वहां से घटकर 88-90 डॉलर के करीब आ गई हैं। इसके बावजूद घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी नहीं आई है। जिसका फायदा कंपनी को मिला है। देश में आखिरी बार मई 2022 में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी आई थी।
