Mutual Funds से बेहतर है EPF में निवेश, जानिए EPFO की वो दलीलें जो बदल देंगी आपकी सोच

म्यूचुअल फंड क्या ईपीएफ की जगह ले सकता है? अगर आपके मन में यह सवाल ढूंढ रहा है तो आपको ईपीएफ का यह जवाब जरूर पढ़ना चाहिए।

म्यूचुअल फंड ने पिछले दो सालों में निवेशकों को निराश किया है। इसका असर भी हुआ है। निवेशक एक बार फिर फिक्स रिटर्न वाले प्रोडक्ट की ओर लौट रहे हैं। इस बीच एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) ने X पर सैलरी पाने वाले कर्मचारियों को सलाह दी कि वे म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए अपनी प्रोविडेंट फंड (PF) की बचत न निकालें। पेंशन फंड ऑर्गनाइजेशन ने इस बात पर जोर दिया कि ये दोनों प्रोडक्ट अलग-अलग वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करते हैं और इन्हें एक-दूसरे का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने एक टैगलाइन भी जोड़ी "समझदार को EPF काफी है"। आइए समझते हैं कि ईपीएफओ के इस तर्क में कितना दम है।

EPF Vs Mutual Fund

म्यूचुअल फंड बनाम EPF

ईपीएफओ ने क्या बताया है?

EPFO ने बताया है कि एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड (EPF) एक कानूनी सामाजिक सुरक्षा योजना है जिसका मकसद रिटायरमेंट के बाद वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करना है, जबकि म्यूचुअल फंड ऐसे निवेश हैं जिनमें उतार-चढ़ाव की संभावना रहती है, ये स्वैच्छिक होते हैं और मुख्य रूप से संपत्ति बनाने के लिए बाजार से जुड़े निवेश प्रोडक्ट होते हैं।

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