Post Office MIS: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) इस साल अब तक 1% रेपो रेट घटा चुका है। फरवरी, अप्रैल और जून में तीन बार कटौती की गई है। बैंकों ने इसके बाद सेविंग अकाउंट पर मिलने वाले ब्याज में कमी कर दी है। लेकिन अच्छी खबर यह है कि पोस्ट ऑफिस ने अपनी स्कीम्स की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है।
Post Office MIS
5 साल में मैच्योर होती है स्कीम
पोस्ट ऑफिस की Monthly Income Scheme (MIS) उन लोगों के लिए बनाई गई है जो सुरक्षित निवेश के साथ हर महीने तय आय चाहते हैं। इसमें निवेशक एकमुश्त रकम जमा करते हैं और उस पर हर महीने ब्याज सीधे उनके बचत खाते में ट्रांसफर किया जाता है। यह स्कीम 5 साल की अवधि में मैच्योर होती है और मैच्योरिटी पर निवेशक को उसका पूरा पैसा वापस मिल जाता है। MIS में सिंगल अकाउंट के जरिए अधिकतम 9 लाख रुपये और जॉइंट अकाउंट के जरिए अधिकतम 15 लाख रुपये तक निवेश किया जा सकता है।
कितना मिलता है प्याज
अगस्त 2025 तक इस स्कीम पर 7.4% सालाना ब्याज मिल रहा है। यह निवेश पूरी तरह सुरक्षित है और इसमें हर महीने गारंटीड ब्याज का लाभ मिलता है। उदाहरण के लिए, अगर कोई निवेशक अपनी पत्नी के साथ जॉइंट अकाउंट में 14.60 लाख रुपये निवेश करता है, तो उसे हर महीने करीब 9,003 रुपये ब्याज मिलेगा।
क्यों खास है स्कीम?
यह स्कीम इसलिए खास है क्योंकि बैंक की तुलना में इसकी ब्याज दर स्थिर और अधिक है। साथ ही, यह सरकार समर्थित योजना है, इसलिए निवेश पूरी तरह सुरक्षित रहता है। हर महीने तय रकम मिलने से नियमित आय का भरोसा भी बना रहता है। कुल मिलाकर, अगर आप चाहते हैं कि आपका पैसा सुरक्षित रहे और हर महीने तय आय भी मिले, तो पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम (MIS) आपके लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकती है।
