India Economic Conclave 2024: केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भारत में टेलीकॉम डेवलपमेंट के बारे में बताते हुए कहा कि आज भारत में 116 करोड़ ग्राहक हैं। इंटरनेट क्षमता 10 साल पहले 250 मिलियन से बढ़कर आज 954 मिलियन हो गई है, ब्रॉडबैंड 60 मिलियन ग्राहकों से बढ़कर 920 मिलियन हो गया है। यह वह पैमाना है जिससे भारत गुजरा है। हमने टेलीकॉम में बहुत प्रोग्रेस की है। उन्होंने कहा कि डिजिटल पहल के माध्यम से हमने 1.4 अरब व्यक्तियों को सशक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह बात मिनिस्ट्री ऑफ कम्युनिकेशन एंड मिनिस्ट्री ऑफ डेवेलपमेंट ऑफ नॉर्थ ईस्टर्न रीजन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इंडिया इकोनॉमिक कॉन्क्लेव के 10वें संस्करण के दूसरे दिन कही।
मिनिस्ट्री ऑफ कम्युनिकेशन एंड मिनिस्ट्री ऑफ डेवेलपमेंट ऑफ नॉर्थ ईस्टर्न रीजन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया
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जून 2025 तक भारत के हर क्षेत्र में मिलेगी कनेक्टिविटी
केंद्रीय मंत्री ने टाइम्स नेटवर्क की ग्रुप एडिटर और टाइम्स नाउ नवभारत की एडिटर इन चीफ नाविका कुमार के साथ बातचीत में कहा कि अगले साल जून तक हमारे देश में हर इंच में कनेक्टिविटी मिलेगी। हर एक क्षेत्र को कवरेज दिया जाएगा। इसे स्थापित किया जाना था, जिस पर मैं काम कर रहा हूं। लेकिन मुझे अपने ग्राहकों और सैटेलाइट मोबाइल OFC ब्रॉडबैंड को यह प्रदान करनी होगी।
संचार और डिजिटल क्षेत्र में भारत की प्रगति: ज्योतिरादित्य सिंधिया
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भारत के डिजिटल और टेलीकॉम क्षेत्र में हुई प्रगति और नई नीतियों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि भारत में हर महीने 16,000 करोड़ डिजिटल लेन-देन होते हैं, जिनका सालाना वैल्यू 3.5 ट्रिलियन डॉलर से अधिक है। भारत आज विश्व के 46% डिजिटल ट्रांजैक्शन करता है, जो देश की डिजिटल शक्ति को दर्शाता है।
सैटेलाइट इंटरनेट पर कह दी यह बड़ी बात
सिंधिया ने समझाया कि टेरिस्ट्रियल स्पेक्ट्रम और सैटेलाइट स्पेक्ट्रम में अंतर है। टेरिस्ट्रियल स्पेक्ट्रम को नीलामी के जरिए आवंटित किया जा सकता है, लेकिन सैटेलाइट स्पेक्ट्रम एक साझा संसाधन है, जिसे तकनीकी कारणों से नीलामी द्वारा आवंटित करना संभव नहीं है। दुनिया के किसी भी देश में सैटेलाइट स्पेक्ट्रम की नीलामी नहीं होती।
नई नीति और पारदर्शिता पर क्या बोले सिंधिया
उन्होंने बताया कि संचार अधिनियम, 2022 में सैटेलाइट स्पेक्ट्रम को प्रशासनिक रूप से आवंटित करने का प्रावधान किया गया है। इसकी कीमत TRAI द्वारा तय की जाती है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। भारत में वर्तमान में रिलायंस और भारती के पास सैटेलाइट लाइसेंस हैं, और अन्य इच्छुक कंपनियों के लिए दरवाजे खुले हैं।
ग्राहकों का सशक्तिकरण
सिंधिया ने कहा कि उनकी प्राथमिकता करोड़ों भारतीयों को हर तरह की संचार सेवा उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि जून 2025 तक देश के हर गांव में नेटवर्क कवरेज सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने जोर दिया कि ग्राहकों को यह तय करने का अधिकार होगा कि वे किस तकनीक का उपयोग करना चाहते हैं।
