Infosys Indian employees salary increase: भारत की अग्रणी आईटी कंपनी इन्फोसिस ने अपने भारतीय कर्मचारियों के लिए वार्षिक वेतन बढ़ोतरी की घोषणा की है। जनवरी 2025 से लागू होने वाली यह बढ़ोतरी 6-8% के दायरे में होगी। यह बढ़ोतरी कंपनी के चरणबद्ध वेतन संशोधन योजना के तहत दी जाएगी, जिसकी दूसरी किश्त अप्रैल 2025 में लागू होगी।
Infosys salary hike
विदेशी कर्मचारियों को मिलेगी कम बढ़ोतरी
भारतीय कर्मचारियों के विपरीत, विदेश में कार्यरत कर्मचारियों को इस बार छोटे, सिंगल-डिजिट वेतन बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह बदलाव वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और आईटी क्षेत्र में खर्च में कमी को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
वेतन बढ़ोतरी पर कंपनी की वित्तीय रणनीति
इन्फोसिस के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) जयेश संघराजका ने कंपनी की Q3FY25 रिजल्ट मीटिंग में बताया, “हम भारत में 6-8% बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे हैं, जबकि विदेशी बाजार में पिछले पैटर्न के अनुसार ही बढ़ोतरी होगी।”
आर्थिक चुनौतियों के बावजूद मजबूत प्रदर्शन
वित्तीय वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में इन्फोसिस ने शानदार प्रदर्शन किया। कुल शुद्ध मुनाफा ₹6,806 करोड़ था, जो पिछले साल की तुलना में 11.4% अधिक है। ऑपरेशंस से रेवेन्यू ₹41,764 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹38,821 करोड़ था, से 7.5% अधिक है। कंपनी ने अपने स्थिर मुद्रा राजस्व बढ़ोतरी के अनुमान को भी 3.75-4.5% से बढ़ाकर 4.5-5% कर दिया है।
उच्च प्रदर्शन करने वालों को मिलेगा बड़ा लाभ
कंपनी के सीईओ, सलिल पारेख ने बताया कि जो कर्मचारी बेहतर प्रदर्शन करेंगे, उन्हें औसत से अधिक वेतन बढ़ोतरी दी जाएगी। “हमारा ध्यान उच्च प्रदर्शन को प्रोत्साहित करने और प्रतिभा को बनाए रखने पर है,” उन्होंने कहा।
अकाउंट ट्रांसफर और सेंट्रलाइज्ड पेंशन पर सुधार
इन्फोसिस ने वेतन बढ़ोतरी के अलावा, ईपीएफ अकाउंट ट्रांसफर को आसान बनाने और सेंट्रलाइज्ड पेंशन पेमेंट सिस्टम (सीपीपीएस) लागू करने की भी जानकारी दी। इस सिस्टम से पेंशनभोगियों को किसी भी बैंक से पेंशन निकालने की सुविधा मिलेगी।
इन्फोसिस का यह कदम कर्मचारियों और वित्तीय प्रदर्शन में संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। कंपनी का कहना है कि वे भविष्य की आर्थिक चुनौतियों को देखते हुए रणनीतिक फैसले ले रहे हैं।
