प्रतिबंध हटे, चावल निर्यात ने पकड़ी रफ्तार, एशिया में 10 साल के सबसे निचले स्तर पर आ गईं कीमतें

India Rice Export: सरकार ने चावल के निर्यात पर सभी प्रतिबंध हटा दिए हैं, जिससे भारत के चावल निर्यात में पिछले साल 19.4% की तेज वृद्धि हुई। इससे भारत का निर्यात अब तक के दूसरे सबसे उच्च स्तर पर पहुंच गया। पाबंदियां हटने से भारतीय चावल अंतरराष्ट्रीय बाजार में ज्यादा प्रतिस्पर्धी बन गया और दुनिया में भारत की स्थिति मजबूत हुई।

India Rice Export : सरकार ने हाल ही में चावल के निर्यात पर लगी सभी पाबंदियां हटा दी हैं। इसके तुरंत बाद भारत का चावल निर्यात तेजी से बढ़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल भारत के चावल निर्यात में 19.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इससे भारत का चावल निर्यात अब तक के दूसरे सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। पाबंदियां हटने से भारतीय चावल अंतरराष्ट्रीय बाजार में और ज्यादा प्रतिस्पर्धी हो गया। इसका सीधा असर यह हुआ कि दुनिया में सबसे बड़े चावल निर्यातक के रूप में भारत की स्थिति और मजबूत हुई।

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भारत का चावल निर्यात अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत (तस्वीर-istock)

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत की बढ़ती हिस्सेदारी

आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक भारत का चावल निर्यात बढ़ने से दुनिया में चावल की आपूर्ति लगातार बनी रही। इससे अन्य चावल निर्यातक देशों, जैसे थाईलैंड और वियतनाम का निर्यात कम हो गया। चावल की ज्यादा उपलब्धता के कारण एशिया में चावल की कीमतें लगभग 10 साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गईं। कम कीमतों का फायदा खासकर गरीब देशों के लोगों को हुआ। अफ्रीका और अन्य ऐसे देशों में, जो सस्ते चावल पर ज्यादा निर्भर हैं, वहां लोगों को राहत मिली।

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