Gem and Jewellery Exports : भारत का रत्न और आभूषण (जेम एंड ज्वेलरी) निर्यात चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के बाद भी अच्छी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (GJEPC) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल अप्रैल से जुलाई की चार महीने की अवधि के दौरान देश का कुल रत्न और आभूषण निर्यात 2.44 प्रतिशत बढ़कर 9.17 अरब डॉलर (करीब 917 करोड़ डॉलर) पर पहुंच गया है। इस बढ़ोतरी में सबसे बड़ा योगदान स्टडेड गोल्ड (नगीने और हीरे जड़े सोने के) आभूषणों का रहा है।
दुनिया में बढ़ी भारतीय गहनों की धाक: जड़े सोने और चांदी के आभूषणों ने मचाया धमाल!
जड़े हुए सोने के गहनों की भारी मांग
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक निर्यात में हुई इस बढ़ोतरी को वैल्यू-एडिशन वाले सेगमेंट ने सबसे ज्यादा रफ्तार दी है। अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच नगीने और हीरे जड़े सोने के आभूषणों (Studded Gold Jewellery) का निर्यात 21.09 प्रतिशत बढ़कर 2.24 अरब डॉलर तक पहुंच गया। अगर प्लेन और स्टडेड दोनों तरह के सोने के गहनों की बात करें, तो कुल गोल्ड ज्वेलरी निर्यात 5.87 प्रतिशत बढ़कर 4.03 अरब डॉलर हो गया। यह आंकड़ा पूरे आभूषण निर्यात कैटेगरी में सबसे बड़ा हिस्सा रखता है।
चांदी और प्लैटिनम ज्वेलरी ने दिखाई जबरदस्त तेजी
चार महीनों के इस आंकड़े में सिर्फ सोना ही नहीं, बल्कि अन्य धातुओं ने भी शानदार प्रदर्शन किया है।
- चांदी के आभूषण (Silver Jewellery): इसके निर्यात में सबसे तेज 72.19 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे इसका कुल आंकड़ा 508.18 मिलियन डॉलर हो गया।
- प्लैटिनम आभूषण (Platinum Jewellery): इसका निर्यात 17.20 प्रतिशत बढ़कर 77.82 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया।
- लैब-ग्रोन डायमंड (Lab-grown Diamonds): तराशे हुए लैब में बने हीरों के निर्यात में भी 7.47 प्रतिशत का सुधार देखा गया और यह 408.50 मिलियन डॉलर रहा।
जुलाई महीने का मिला-जुला प्रदर्शन
बात अगर अकेले जुलाई महीने की करें, तो कुल निर्यात लगभग स्थिर रहा। जुलाई में भारत का कुल आभूषण निर्यात 0.38 प्रतिशत की हल्की बढ़त के साथ 2.35 अरब डॉलर रहा, जो बीते साल इसी महीने में 2.34 अरब डॉलर था। हालांकि, जुलाई में यूएई (UAE), हांगकांग और सिंगापुर से अच्छी मांग के चलते स्टडेड गोल्ड ज्वेलरी के निर्यात में 21.36 प्रतिशत का उछाल देखने को मिला। दूसरी ओर, जुलाई के दौरान पारंपरिक कटे और पॉलिश किए हुए हीरों (Cut and Polished Diamonds) के निर्यात में 18.23 प्रतिशत और लैब-ग्रोन हीरों में 8.23 प्रतिशत की गिरावट आई।
सोने की कीमतों में आई नरमी
वैश्विक बाजार में जुलाई के दौरान सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। जून में जहां सोना 4,238.32 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस पर था, वहीं जुलाई में यह 3.88 प्रतिशत घटकर 4,073.92 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस पर आ गया। इससे पहले जून के महीने में भी सोने की कीमतों में 10.28 प्रतिशत की मासिक गिरावट देखी गई थी।
आने वाले महीनों में और बढ़त की उम्मीद
GJEPC के चेयरमैन किरीट भंसाली ने उद्योग के भविष्य को लेकर काफी उम्मीद जताई है। उनके अनुसार, हाल ही में आयोजित 'IIJS भारत प्रीमियर 2026' प्रदर्शनी बेहद सफल रही, जिसमें 80 देशों के 5,000 से अधिक विदेशी खरीदारों सहित 61,000 से ज्यादा विजिटर्स शामिल हुए। इस दौरान हुए कारोबारी समझौतों का असर आने वाले महीनों के शिपमेंट और भारत के कुल निर्यात आंकड़ों में सकारात्मक रूप से दिखाई देगा।
इसके अलावा, सरकार द्वारा लाए गए 'कर एवं अन्य कानून (संशोधन) विधेयक 2026' से भी उद्योग को बड़ी उम्मीदें हैं। इसके तहत स्पेशल नोटिफाइड जोन्स (SNZs) के जरिए कच्चे हीरों का व्यापार करने वाली विदेशी कंपनियों को 15 साल के लिए आयकर में छूट दी जाएगी, जिससे भारत को दुनिया का प्रमुख डायमंड ट्रेडिंग हब बनने में मदद मिलेगी।
