भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। केंद्रीय बैंक आरबीआई के लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार, 29 मई को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 93.8 करोड़ डॉलर बढ़कर 682.321 अरब डॉलर हो गया।
India Forex Reserves (Photo: iStock)
विदेशी मुद्रा भंडार वर्तमान में मजबूत स्थिति में
इससे पहले, सुबह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा (Sanjay Malhotra) ने जानकारी देते हुए बताया था कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार वर्तमान में मजबूत स्थिति में है। 29 मई 2026 तक यह भंडार 682.3 अरब डॉलर तक पहुंच गया था, जो भारत के लिए करीब 11 महीनों के आयात को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि यह स्तर अंतरराष्ट्रीय मानकों के हिसाब से भी संतोषजनक माना जाता है, खासकर जब विदेशी ऋण के मुकाबले भंडार की पर्याप्तता 89.1 प्रतिशत के करीब है।
विदेशी मुद्रा भंडार में यह वृद्धि ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितताएं और भू-राजनीतिक चुनौतियां बनी हुई हैं। भारत के लिए यह एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, क्योंकि मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार किसी भी देश की आर्थिक स्थिरता और बाहरी झटकों से निपटने की क्षमता को दर्शाता है।
विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां 3.116 अरब डॉलर बढ़ीं
29 मई को समाप्त सप्ताह के दौरान भारत के विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा मानी जाने वाली विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां (Foreign Currency Assets - FCA) 3.116 अरब डॉलर बढ़कर 546.148 अरब डॉलर हो गईं। आरबीआई के अनुसार, विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों के आंकड़ों में यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं के मूल्य में होने वाली बढ़ोतरी या गिरावट का प्रभाव भी शामिल होता है।
वहीं, इसी अवधि में देश के स्वर्ण भंडार (Gold Reserves) का मूल्य 2.186 अरब डॉलर घटकर 112.6 अरब डॉलर रह गया। दूसरी ओर, स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स (SDRs) का स्तर बिना किसी बदलाव के 18.747 अरब डॉलर पर स्थिर रहा।
IMF के साथ भारत की रिजर्व पोजीशन में भी बढ़ोतरी दर्ज
आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के साथ भारत की रिजर्व पोजीशन में 8 मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई और यह बढ़कर 4.826 अरब डॉलर हो गई। इन सभी घटकों में हुए बदलावों के बाद देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि दर्ज की गई।
