2025 में 1 ट्रिलियन डॉलर पहुच सकती है भारत की 'डिजिटल इकोनॉमी', DIPA का अनुमान

India's digital economy: भारत का टेलीकम्युनिकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर अब केवल लोगों को जोड़ने के लिए नहीं बल्कि, समाज के अलग-अलग पहलुओं को आपस में जोड़ने और संचालित करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। भारत के दूरसंचार ऑपरेटरों ने मार्च 2025 तक 4.78 लाख 5जी बेस ट्रांसीवर स्टेशन (बीटीएस) स्थापित किए हैं, जो सभी तकनीकों में कुल 30 लाख बीटीएस का योगदान करते हैं।

India's digital economy: डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स एसोसिएशन (डीआईपीए) ने मंगलवार को कहा कि अर्बन वायरलेस टेलीडेंसिटी पहले से ही 131.45 प्रतिशत है और जीडीपी में टेलीकम्युनिकेशन 6.5 प्रतिशत से अधिक योगदान दे रहा है। इसी के साथ, भारत एक ऐसे महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच गया है, जहां कनेक्टिविटी अपनी पारंपरिक सीमाओं को पार कर गई है।

'डिजिटल इकोनॉमी' के 2025 के अंत तक 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। डीआईपीए के महानिदेशक मनोज कुमार सिंह ने कहा, "हम परिवेशी बुद्धिमत्ता (एंबिएंट इंटेलिजेंस) के जन्म के साक्षी हैं, जहां कनेक्टिविटी दैनिक जीवन के हर पहलू को सशक्त बनाने वाली अदृश्य शक्ति बन गई है।"

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