पेट्रोल-डीजल पर इस फैसले से सरकार को 15 दिनों में होगा 5500 करोड़ रुपये का नुकसान

Petrol-Diesel Excise Duty Cut Impact: पेट्रोल और डीजल पर 10-10 रुपये प्रति लीटर की उत्पाद शुल्क कटौती से सरकार के राजस्व में कमी आएगी। हालांकि, डीजल और विमान ईंधन (एटीएफ) के निर्यात शुल्क में बढ़ोतरी से कुछ भरपाई होगी। इन दोनों फैसलों के संयुक्त प्रभाव से सरकार को पखवाड़े में कुल मिलाकर करीब 5,500 करोड़ रुपये का शुद्ध राजस्व नुकसान होने का अनुमान है।

Petrol-Diesel Excise Duty Cut Impact: सरकार ने आम लोगों को राहत देने के लिए पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) में 10-10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है। इस फैसले से ईंधन की कीमतों को बढ़ने से रोका जा सकेगा, लेकिन इसका असर सरकारी खजाने पर पड़ेगा। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के चेयरमैन विवेक चतुर्वेदी के अनुसार, इस कटौती से सरकार को पखवाड़े (15 दिनों) में कुल मिलाकर करीब 5,500 करोड़ रुपये का शुद्ध नुकसान होगा।

Petrol-Diesel Excise Duty Cut Impact

पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर रोक लगाने का फैसला: सरकार को कितना नुकसान? (तस्वीर-istock)

कैसे होगा राजस्व का नुकसान और कुछ भरपाई?

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के अनुसार सरकार के मुताबिक, पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने से करीब 7,000 करोड़ रुपये का राजस्व कम हो जाएगा। हालांकि, सरकार ने डीजल और विमान ईंधन (एटीएफ) के निर्यात पर शुल्क बढ़ाया है, जिससे करीब 1,500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आमदनी होगी। इस तरह कुल नुकसान घटकर 5,500 करोड़ रुपये रह जाएगा। सरकार इन दरों की समीक्षा हर 15 दिन में करेगी, ताकि स्थिति के अनुसार बदलाव किए जा सकें।

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